बलिया के गांवों में बारिश के समय बाढ़ और कटान की समस्या देखने को मिलती है। इस बार बारिश से पहले ही गांवों को बाढ़ व कटान से सुरक्षित करने की कवायद शुरू हो गई है। सिंचाई विभाग सरयू के किनारे छह, गंगा किनारे चार व टोंस नदी के किनारे एक स्थान पर 47 करोड़ की लागत से बाढ़ व कटान से सुरक्षात्मक कार्य कराएगा। शासन की ओर से इसकी स्वीकृति मिलने के बाद विभाग ने कागजी कार्यवाई तेज कर दी है।
बता दें कि बीते दिनों सरयू नदी की कटान से प्रभावित बांसडीह तहसील के गांवों को बचाने की मांग को लेकर किसानों व छात्रनेताओं ने तहसील मुख्यालय के सामने भूख हड़ताल किया था। छात्र नेता प्रवीण सिंह के नेतृत्व में लोगों ने सरयू नदी में विभिन्न जगहों पर ठोकर बनाने, नदी में विलीन हुए खेतों व फसलों का किसानों को मुआवजा देने और बाढ़ चौकियों को दुरुस्त कर गांवों की सुरक्षा की मांग की थी। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि कटान रोकने के लिए प्राक्कलन तैयार कर शासन में स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
बता दें की जनपद गंगा, सरयू व टॉस नदियों की हर साल तबाही झेलने वाला जिला है। हर साल यहां लगभग 10 लाख की आबादी बाढ़ और कटान से तीन माह तक परेशान रहती है।
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