बलिया जिले में तैनात सिपाही की बीमारी के चलते रविवार की सुबह वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। वाराणसी से उनका शव जब घर पर पहुंचा तो आलमपुर गांव में कोहराम मच गया। पुलिस ने मृत सिपाही के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के आलमपुर गांव निवासी 41 वर्षीय रवींद्र प्रसाद पुत्र मुखराम वर्ष 1998 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वे वर्तमान में बलिया जिले में तैनात थे।
परिजनों का कहना है कि वे ब्रेन टीवी की बीमारी से ग्रसित थे। उनका लखनऊ के पीजीआई में दो साल से इलाज चल रहा था। छुट्टी खत्म होने पर उन्होंने 24 को बलिया पुलिस लाइन में पहुंच कर ड्यूटी पर अपना आमद दर्ज कराए थे। 14 सितंबर को ड्यूटी के दौरान उनकी हालत जब ज्यादा बिगड़ गई तो बलिया के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
खबर पाकर बलिया पहुंचे परिजन उन्हें अपने साथ लेकर आजमगढ़ आ गए और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से रेफर कर दिए जाने पर परिजनों ने उन्हें वाराणसी के बीएचयू में भर्ती कराया।
बीएचयू में इलाज के दौरान उनकी रविवार की भोर में लगभग चार बजे मौत हो गई। मां धीराजी देवी व पत्नी अनीता का रो-रो कर बुरा हाल था। वे चार भाइयों में सबसे छोटा थे। उनके तीन पुत्रों में 15 वर्षीय सुरेंद्र, 11 वर्षीय सत्यम, 9 वर्षीय किशन हैं। मौके पर पहुंची जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने मृत सिपाही के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
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