Categories: बलिया

बलिया में जानलेवा डेंगू का कहर, कनिष्ठ सहायक की मौत, अब तक मिले 80 मरीज

बलियाः बदलते मौसम के बीच मौसमी बीमारियों ने घर कर लिया है। जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बच्चों से लेकर बूढ़े, जवान सब पर डेंगू का खतरा मंडरा रहा है। जनपद में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसी बीच डेंगू की चपेट में आने से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय बलिया में कनिष्ठ सहायक की मौत हो गई।

मऊ जिले के मूल निवासी राकेश सिंह कुछ दिन पहले ही बलिया में कनिष्ठ सहायक के पद पर पदस्थ हुए थे। इसी बीच वह डेंगू की चपेट में आ गए। जिनका दो दिनों से मऊ में उपचार चल रहा था। बताया जा रहा है कि राकेश अपनी मां का इकलौता सहारा थे। उनकी छोटी बहन भी है। राकेश की शादी नंवबर में होने वाली थी। उनके निधन से परिवार में शोक की लहर छा गई है। उनके निधन पर कर्मचारी नेता वेद प्रकाश पांडेय, मैनुद्दीन, संजय कुंवर, वीर बहादुर, संजय यादव आदि ने शोक संवेदना व्यक्त किया है।

वहीं आपको बता दें कि बलिया में अभी तक डेंगू के 80 मरीज मिल चुके हैं। आंकड़ो के हिसाब से देखें तो औसतन हर दिन दो मरीज मिल रहे हैं। अभी दशहरा के कारण दो दिनों से जांच रिपोर्ट नहीं आ रही है। लिहाजा मरीजों की संख्या बढ़ भी सकती है। बलिया के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. तन्मय कक्कड़ भी डेंगू का शिकार हो चुके हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग के कई अहम कार्य प्रभावित हैं।

जानकारों की मानें तो बारिश के बाद जलजमाव से मच्छर पनप रहे हैं। मौसम में बदलाव के साथ ही मच्छर भी बढ़ गए हैं, लेकिन फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। शहर में अभी भी कई मोहल्ले जलजमाव से कराह रहे हैं। कई मोहल्ले के लोग इसकी मांग कर रहे हैं लेकिन इस ओर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रधानों की ओर से इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।

वही जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक राकेश सिंह का नाम बलिया के मरीजों की लिस्ट में शामिल नहीं है। वह मऊ के निवासी थे। मऊ में ही उनकी जांच भी हुई थी। बलिया में अभी तक 80 मरीज हैं, सभी की स्थिति नियंत्रण में है।

Rashi Srivastav

Recent Posts

‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली की तैयारी तेज, बलिया में अबुल फैज़ को मिली जिला इंचार्ज की जिम्मेदारी

बलिया। नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली कांग्रेस…

1 week ago

2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े

बलिया: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बलिया ख़बर की ओर से कराए गए…

3 weeks ago

राम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?

बलिया। समाजवादी राजनीति में राम गोविंद चौधरी की पहचान और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की…

4 weeks ago

रसड़ा विधानसभा सर्वे 2027

तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…

1 month ago

फेफना विधानसभा सर्वे 2027

फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…

1 month ago