बलिया जिले में जल्द ही मोटर ड्राइविंग इंस्टीट्यूट का निर्माण शुरु होगा। अच्छी खबर यह है कि इंस्टीट्यूट के निर्माण के लिए विभाग ने भूमि की तलाश शुरु कर दी है। भूमि चिन्हित कर शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। डीटीआई बनने के बाद यहां के रहवासियों को काफी ज्यादा सुविधा मिलेगी।
अब यहां के लोगों को गैर जनपद में वाहन चलाने की ट्रेनिंग नहीं लेनी पड़ेगी, अब डीटीआई में ही युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। इंस्टीट्यूट में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले प्रवेश ले सकेंगे। उन्हें प्रशिक्षित ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे। साथ ही वाहन चलाने की ट्रेनिंग लेने वालों को यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। उन्हें वाहन चलाने के लिए पूरी तरह से दक्ष किया जाएगा। दुपहिया व चौपहिया वाहनों के साथ बस, ट्रक जैसे भारी वाहन भी चलाना सिखाएं जाएंगे। गाड़ी पार्क करने के नियम और तरीका भी बताया जाएगा।
डीटीआई बनने के बाद यहीं डीएल के आवेदकों का टेस्ट भी होगा। इंस्टीट्यूट से प्रशिक्षण लेने के बाद यहां बन रहे ट्रेकों पर वाहन चलवाकर परीक्षण किया जा सकेगा। खास बात यह है कि परीक्षण अधिकारी नहीं बल्कि मशीनें करेंगी। क्योंकि इन ट्रेकों पर सेंसर लगे होंगे, जो कि हर बिंदुओं की गहनता से जांच करेंगे। यह ट्रैक 8 के आकार का होगा। जिससे वाहनों का परीक्षण सही ढंग से हो सकेगा।
डीटीआई में तीन अलग-अलग ट्रैक बनाए जाएंगे। इसके अलावा सिग्नल लाइट और संकेतकों की पहचान भी कराई जाएगी। युवाओं को प्रशिक्षित करने के बाद उनकी परीक्षा होगी। जिसके बाद उन्हें प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। इनके जरिए युवा रोजगार भी पा सकते हैं। परिवहन विभाग के आरआई राजभूषण चौधरी का कहना है कि मोटर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट(डीटीआई) बनाने के लिए शासन से निर्देश प्राप्त हुआ है। इसके लिए भूमि की तलाश की जा रही है। शीघ्र ही भूमि मिलने की रिपोर्ट शासन को प्रेषित की जाएगी।
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