मंगल पांडेय की धरती पर होगा सपा का ब्राह्मण सम्मेलन, बलिया आयेंगे अखिलेश यादव

बलिया। उत्तरप्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण वर्ग अब केंद्र में आ गया है। बहुजन समाज पार्टी के बाद अब समाजवादी पार्टी भी अपने परंपरागत वोट यादव-मुस्लिम के साथ ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए अगस्त से सम्मेलन आयोजित करेगी। सपा के 30 साल के इतिहास में यह पहला मौका है, जब पार्टी ब्राह्मणों को जोड़ने का अभियान शुरू करने जा रही है।मंगल पांडे की धरती बलिया से सम्मेलन की शुरुआत 23 अगस्त को होगी।जिसमें पूर्व सीएम अखिलेश यादव शामिल होंगे।

कार्यक्रम की जिम्मेदारी भी सपा के 5 ब्राह्मण नेताओं के कंधों पर रखी गई है। ब्राह्मण वोटर भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। विधानसभा चुनाव से पहले इस समाज को अपने साथ करने के लिए सभी दलों ने ताकत झोंक दी है। बसपा के बाद अब सपा द्वारा ब्राह्मण वोटरों को लुभाने के लिए पूरे प्रदेश में ब्राह्मण सम्मेलन कराने की तैयारी शुरू की गई है। सपा सूत्रों के अनुसार, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माताप्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा, मनोज पांडेय, पवन पांडेय और सनातन पांडेय को ब्राह्मण सम्मेलन की जिम्मेदारी दी है।

खास बात यह है कि ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत 23 अगस्त को टाउन डिग्री कॉलेज के मैदान बलिया से होने की संभावना है। ब्राह्मण सम्मेलन में पूर्वांचल सहित प्रदेश के ब्राह्मण नेताओं का जमावड़ा होगा। इसमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी शिरकत करेंगे। इसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई। पूर्व विधायक सनातन पांडेय ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकार की तानाशाही से लोकतंत्र खतरे में है। ब्राह्मण प्रबुद्ध वर्ग है। इस संबंध में अखिलेश यादव की ब्राह्मण नेताओं के साथ बैठक हुई।

तय किया गया कि इस तानाशाही को रोकने के लिए ब्राह्मणों को आगे आना होगा। 23 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ ही सभी नेता मौजूद रहेंगे। सपा जिला प्रवक्ता सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि जब से प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है, राज्य में ब्राह्मणों के उत्पीड़न की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस समाज को संगठित करने के निर्देश दिए हैं। इसकी शुरुआत बलिया की धरती से करने का निर्देश दिया है। ताकि ब्राह्मण बिरादरी को एकजुट कर उनका उत्पीड़न रोका जा सके।

उत्तरप्रदेश की सियासत में ब्राह्मणों का वोट बैंक सभी राजनीतिक पार्टियों के अहम हैं। यूपी में 13 प्रतिशत ब्राह्मण वोट हैं। मौजूदा स्थिति में ब्राह्मण विधायक हैं। 12 जिलों में 20 प्रतिशत से ज्यादा ब्राह्मण वोट हैं। हालांकि चुनाव से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां ब्राह्मण वोट को साधने में लगी हैं। देखना होगा कि चुनाव में किस पार्टी को कितना फायदा होता है।

Ritu Shahu

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