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विपक्षियों से इम्प्रेस हुए बीजेपी नेता! बोले- सुभासपा की बड़ी रैली ने बदली राजनीति

सुभासपा की रैली से सूबे की राजनीति बदल गई है। ऐसा हम नहीं बल्कि पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह का कहना है। सपा सुभासपा गठबंधन की चर्चा में राम इकबाल सिंह ने कुछ ऐसा बयान दे डाला जिससे बलिया के राजनैतिक गलियारों में हलचलें तेज हो गई हैं।

राम इकबाल सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि ओमप्रकाश राजभर की ताकत को कम कर आंकना भाजपा की सबसे बडी भूल है। यह गठबंधन पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश सीटों पर प्रभावी साबित होगा। उन्होंने सुभासपा की रैली को लेकर कहा कि हलधरपुर में आयोजित सुभासपा की बड़ी रैली यूपी की राजनीति पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है। उस दिन से सूबे की राजनीति बदलती नजर आ रही है।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ओपी राजभर को सबक सिखाने की जिम्मेदारी भाजपा ने उनके ही बिरादरी के आयातित दो नेताओं को दी थी लेकिन वह दोनों ओमप्रकाश के सामने बौने साबित हो गए। कृषि कानूनों को लेकर उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान देश में किसान व बेरोजगार विरोधी सरकार चल रही है। जुताई से लेकर कटाई तक खेती पर प्रति कुंतल 140 रुपये की महंगाई बढ़ी लेकिन सरकार खरीद मूल्य में सिर्फ 70 रुपये की बढ़ोतरी की है।

उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बजाय उनकी आत्महत्या की योजना बना रही है।” खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बन चुकी है। बारिश-बाढ़ से अन्नदाता तबाह हो चुका है। डीएपी व एनपीके उर्वरक के दामों में वृद्धि कर दी गई है। सरकारी समितियों से डीएपी गायब है। डीजल के मूल्य में हुई बेतहासा वृद्धि से खेतों की जुताई, फसल की कटाई, मडाई मंहगी हो चुकी है। सरकार ने केवल 70 रुपए प्रति क्विंटल धान की खरीद का मूल्य बढाया है जो नाकाफी है। ऐसी परिस्थिति में किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है।

उन्होंने सरकार से कृषि बिल को ततकाल वापस लेने, बाढ व जलप्लावन से प्रभावित हुए किसानों को 25 सौ रुपए प्रति बीघा की दर से क्षतिपूर्ति देने, शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने, वित्तविहीन शिक्षकों को 10 हजार रुपए प्रति माह क्षतिपूर्ति देने , शिक्षामित्रों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा देने व पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। साथ ही अपनी ही सरकार पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी व झूठे आश्वासनों से अब काम नही चलने वाला। भाजपा सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल में बलिया जिले में कोई भी नया काम दिखाई नही दे रहा है।

Rashi Srivastav

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