रेवती। नगर के प्रमुख स्थानों पर आपको “रेवती स्टेशन नहीं तो वोट नहीं” का कट-आउट देखने को मिल जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां के व्यापारी रेवती स्टेशन को हाल्ट सूची में डालने का विरोध कर रहे हैं।
रेवती से स्टेशन का दर्जा छीनने के विरोध में अब पूरे नगर के लोग लामबंद हो गए हैं। व्यापारी वर्ग में इसका खासा आक्रोश देखा जा रहा है। और यही कारण है कि व्यापारी पोस्टर लगाकर चुनाव के बहिष्कार तक की चेतावनी दे रहे हैं।
केसरवानी कल्याण समिति के अध्यक्ष सुनिल केशरी व उपाध्यक्ष पप्पू केशरी ने कहा कि स्टेशन को बचाने के लिए आंदोलन को तेज धार दिया जाएगा। यदि संबंधित विभाग ने स्टेशन को बहाल नहीं किया तो आगामी विधान सभा चुनाव में व्यापार मंडल के लोग वोट नहीं डालेंगे।
वहीं लोगों का कहना है कि जब प्रथम बार रेल यातायात शुरु हुआ तभी से यह स्टेशन है।बलिया और छपरा के बीच 70 के दशक तक बलिया के बाद रेवती में मालगोदाम भी था। अब इससे स्टेशन का दर्जा छीना जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं कई राजनैतिक दल भी इस बात का विरोध कर रहे हैं।
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