बलिया. दुनिया में अभिषाप बन चुका कोरोना को हराने के लिए नन्हें रोजेदार मलकपुरा निवासी अब्दुल कलाम खान की मात्र पांच वर्षीय बेटी आरजू खातून ने रोजा रखा. आरजू से जब इस बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि रमजान का महीना पवित्र महीना होता है. इस समय रोजा रखकर जो भी दुआएं मांगी जाती है, अल्लाह उसे कबूल करता है. इस समय पूरे विश्व के लोग कोरोना से परेशान है, चहूंओर त्राहिमाम मचा है. मेरे अब्बू भी सऊदी रहते हैं, ऐेसे में मुझे उनकी फिक्र तो है ही साथ ही मैं सबकी फिक्र करती हूं. मेरी अम्मी बताती है कि रोजा रखकर जो भी अल्लाह से मांगी जाती है, अल्लाह उसे पूरा करते हैं. इसलिए मैं रोजा रखा हूं. जब उससे पूछा गया कि आपको भूख नहीं लगती तो उसने बताया कि कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है, भूखे रहकर अल्लाह की इबादत करेंगे तभी तो अल्लाह मेरी दुआ कबूल करेंगे. मुझे पूर्ण विश्वास है मैं रोजा रखकर कोरोना को हरा दूंगी.
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