आठ सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाता है। साक्षरता दर बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का असर भी देखने को मिल रहा है। बलिया में बीते 11 सालों में 9 फीसदी साक्षरता दर बढ़ी है। हालांकि सहीं आंकड़ा जनगणना के सामने ही आ पाएगा।
बलिया जिले में अभी महिलाओं की साक्षरता करीब 87 फीसदी और पुरुषों की साक्षरता 71 फीसदी है। यानि कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा साक्षर हैं। जिले में साक्षरता प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्राथमिक स्कूलों में अधिक से अधिक बच्चों के नामांकन के लिए रैलियां व जागरुकता अभियान चलाया जाता है। इसके अलावा निपुण भारत योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत भारत को वर्ष 2026 तक निपुण यानि शत प्रतिशत साक्षर करने का लक्ष्य है। लेकिन विभाग वर्ष 2025 तक जिले को पूर्ण रुप से साक्षर करने की योजना पर कार्य कर रहा है।
देश में प्रत्येक 10 साल पर होने वाली जनगणना में साक्षरता को शामिल किया जाता है और जनगणना सामने आने के बाद पूरी तस्वीर साफ होती है। बीते 11 वर्षों में पुरुष आठ फीसदी तो महिलाओं की साक्षरता दर में 11 फीसदी की वृद्धि का अनुमान किया गया है। जनपद की कुल साक्षरता प्रतिशत में 9 फीसदी की बढ़ोत्तरी की संभावना है। 11 साल पहले जिले की साक्षरता का प्रतिशत 70.89 फीसदी था। इसमें महिला की साक्षरता दर 59.75 फीसद व पुरुष की साक्षरता दर 81.49 फीसद रही। इसके बाद साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए तरह के तरह के उपाय होते रहे। इन उपायों की बदौलत ही जिले में साक्षरता का प्रतिशत बढा है।