बलिया के युवक ने फिर से उठाई ‘अहीर रेजिमेंट’ की मांग, ट्विटर पर बड़े स्तर पर मिला समर्थन

नई दिल्ली /बलिया डेस्क:  भारतीय सेना में अहिर जाति का अहम योगदान रहा है। कई युद्धों में अहीर जाति के सिपाहियों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर देश की रक्षा की है। अहीर जाति के इसी योगदान को देखते हुए अब सेना में अहीर रेजिमेंट बनाए जाने की मांग उठ रही है। ये मांग यूं तो लंबे समय से उठती रही है, लेकिन अब इसे व्यापक रूप से बलिया के रहने वाले समाजसेवी बृजेश यादव बागी ने उठाया है।

उन्होंने अपनी मांग को लेकर सोशल मीडिया पर ‘#अहीर_रेजिमेंट_हक़_है_ हमारा’ नाम का कैंपेन भी चलाया है, जिसे ट्विटर पर बड़े पैमाने पर लोगों का समर्थन मिला है। ट्विटर पर ‘अहीर_रेजिमेंट_हक़_है_ हमारा’ हैशटैग इस वक़्त ट्रेंड कर रहा है।

हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता कैप्टन अजय सिंह यादव ने भी इस कैंपेन का समर्थन किया है। कैंपेन को इतने बड़े स्तर पर समर्थन मिलने के बाद अब बृजेश यादव ने इस मांग को लेकर आंदोलन करने का फैसला किया है। बलिया खबर से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस कैंपेन में उन्हें कई अहीर संगठनों का साथ मिला है और वो सेना में अहीर रेजिमेंट बनाए जाने की अपनी मांग को लेकर एक अगस्त से आंदोलन शुरू करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि वो अपनी मांग को लेकर 20 अगस्त से देशव्यापी यात्रा भी निकलेंगे।

उन्होंने अहीर समाज के लोगों से अपील की है कि वो उनके आंदोलन से जुड़ें और इसे कामयाब बनाएं। उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा 40 दिनों की होगी, जो देश के तमाम राज्यों से निकलकर दिल्ली पहुंचेंगी। बता दें कि अहीर रेजिमेंट की मांग काफी पुरानी है। 2016 में ऑल इंडिया यादव महासभा ने इसके लिए आवाज बुलंद की थी।

रेजांगला शहीद फाउंडेशन भी इसे लेकर कई बार प्रदर्शन कर चुकी है। समाजवादी पार्टी ने तो 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने घोषणापत्र में अहीर बख्तरबंद रेजिमेंट बनाए का ऐलान तक कर दिया था। दरअसल यादव समाज अपनी जाति के योद्धाओं के सम्मान स्वरूप एक रेजिमेंट चाहता है।

उसका कहना है कि जब कभी देश पर वक़्त पड़ा है तो उसकी रक्षा के लिए अहीर समाज के सिपाहियों ने अपनी जान कुर्बान की है। यादव समाज के लोगों का कहना है कि 1962 के युद्ध में कुल 114 सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें से 112 यादव थे।

इन सैनिकों ने चीन के सैंकड़ों सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था। इसलिए सम्मान स्वरुप अहीर रेजिमेंट बनाई जानी चाहिए। हालांकि केंद्र की मोदी सरकार ने अभी तक यादव समाज की इस मांग में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

वो पहले ही साफ कर चुकी है कि अब सेना में जाति या धर्म के नाम पर कोई नई रेजिमेंट नहीं बनाई जाएगी। बता दें कि इस वक़्त सेना में कुल 23 रेजिमेंट हैं। जिनमें से कई रेजीमेंट्स के नाम जाति और धर्म के नाम पर रखे गए हैं।

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