बलिया। महिला सशक्त और सबल बनें इसके लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं को रोजगार के साधन मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है। जिसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने एक नई पहल की है। इसके तहत अब जिले की महिलाओं को स्वरोजगार दिया जाएगा। जिले की 940 ग्राम पंचायतों में ग्राहक सेवा केंद्र को खोलकर महिलाओं को ही संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही गठित समूह की शिक्षित महिलाओं को लघु बैंकिंग के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में लेनदेन की जिम्मेदारी भी महिलाओं के ऊपर ही होगी। खास बात है कि ग्राहक सेवा केंद्रों के संचालन के लिए उन्हें अपनी जेब से एक रुपये नहीं खर्च करने होंगे।
जिला प्रशासन की ओर से लेनदेन के लिए डिवाइस मुफ्त मिलेगी। इससे महिलाओं को सुविधा मिलेगी कि वह गांव के लोगों का खाता खोल सकेंगी और दस हजार रुपए तक का एक दिन में भुगतान कर सकेंगी। जिले में इस काम के लिए बीसी सखी के रुप में 925 महिलाओं का चयन किया गया है। जिन्हें इन दिनों डिवाइस चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें से 256 महिलाओं प्रशिक्षित हो गई हैं। 5 को डिवाइस भी दिया गया है। साथ ही उन्हें बैंक ऋण को छोड़कर सभी जानकारियां दी जा रही हैं। ग्राहक सेवा केंद्रों पर आने वाले ग्राहकों से व्यवहार और उन्हें योजनाओं संबंधित जानकारी कैसे देना है, इसके लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस नई पहले से महिलाओं को बड़े लाभ होंगे। बैंक खाता खोलने, रुपए जमा करने और ग्राहकों के रुपए निकालने से जो भी कमीशन बनेगा, वह बीसी सखियों को मिलेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन प्रबंधक राजीव कुमार ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह बड़ी पहल है। गांव में ग्राहक सेवा केंद्र खुलने से लोगों को राहत मिलेगी और महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा। इससे जो लाभ होगा, वह सीधा महिलाओं को मिलेगा।
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