बलियाः शिक्षा में निजीकरण के ख़िलाफ़ छात्र युवा फ्रंट का हल्ला बोल, DM ऑफिस के सामने किया प्रदर्शन

बलिया डेस्क : शिक्षा में निजीकरण और महंगाई के विरोध में मंगलवार को बलिया छात्र युवा फ्रंट के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। कार्यकर्ताओं ने ज़िलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठन ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की। प्रदर्शन में बलिया छात्र युवा फ्रंट के अध्यक्ष अतहर भी मौजूद रहे।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शिक्षा का निजीकरण किए जाने से शिक्षा काफी महंगी हो गई है और इसकी गुणवत्ता भी घटी है। शिक्षा के क्षेत्र में इसी तरह से महंगाई बढ़ती रही तो किसी भी ग़रीब का बच्चा शिक्षित नहीं हो पाएगा। इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण का खात्मा किया जाना बेहद ज़रूरी है। छात्र युवा फ्रंट ने प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति के नाम ज़िलाधिकारी को एक पत्र भी सौंपा। इस पत्र में छात्र संगठन ने शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण को समाप्त किए जाने सहित अपनी कई मांगों को रखा।

विज्ञापन

आइये जानते हैं पत्र में छात्रों ने क्या मांगें रखीं? शिक्षा उद्देश्यपरक, वैज्ञानिक व सस्ती हो। विदेशी शिक्षण संस्थानों को देश में स्थापित करने वाली महंगी व गैर जनतांत्रिक शिक्षा प्रदान करने वाली राष्ट्र विरोधी व जनविरोधी नई शिक्षा नीति पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही छात्रों ने बेरोज़गारी की समस्या को समाधान किए जाने की मांग भी की। छात्रों ने कहा कि ठेके-संविदा की नौकरियों की जगह पक्की नौकरी दी जाए। रुकी हुई भर्तियों को भरा जाए।

रोज़गार विरोधी निजीकरणवाद को समाप्त किया जाए। छात्रों ने चिकित्सा के क्षेत्र में भी निजीकरण को खत्म किए जाने की मांग की।
पत्र में कोरोनाकाल में बेरोज़गार हुए श्रमिकों को दोबारा रोज़गार दिए जाने और वादे के मुताबिक हर साल 2 करोड़ नौकरी दिए जाने की मांग की गई। छात्रों ने पेंशन सहित रिटायरमेंट व अप्रेंटिस की व्यवस्था पहले की तरह ही चालू रखने की मांग रखी। छात्रों ने कहा कि 50 साल में रिटायरमेंट व 5 साल अप्रेंटिस की मंशा वाली भावी योजना ना लाई जाए।

सबको शिक्षा व सबको काम दिया जाए। कृषि सुधार कानून एवं श्रम सुधार संहिता को वापस किया जाए और तमाम समस्याओं की जनक नई आर्थिक नीति व डंकल प्रस्ताव को खत्म किया जाए।

बलिया ख़बर

Recent Posts

‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली की तैयारी तेज, बलिया में अबुल फैज़ को मिली जिला इंचार्ज की जिम्मेदारी

बलिया। नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली कांग्रेस…

4 days ago

2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े

बलिया: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बलिया ख़बर की ओर से कराए गए…

2 weeks ago

राम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?

बलिया। समाजवादी राजनीति में राम गोविंद चौधरी की पहचान और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव की…

3 weeks ago

रसड़ा विधानसभा सर्वे 2027

तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…

4 weeks ago

फेफना विधानसभा सर्वे 2027

फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…

4 weeks ago