भारत की संसद में महिला आरक्षण विधेयक नारी शक्ति वंदन अधिनियम को मंजूरी मिल गई है। इस विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद महिला जगत में खुशी की लहर है। ये महिला सशक्तिकरण के लिए अहम कदम है।
15 से 17 जून, 2023 को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय विधायक सम्मेलन का आयोजन हुआ था। इस दौरान बलिया के रतसर कला की पूर्व प्रधान और अखिल भारतीय पंचायत परिषद की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति सिंह ने आधी आबादी को आरक्षण देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं की लड़ाई लड़ने वाला कोई नहीं है। निचले स्तर पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलता है, लेकिन जहां संसद में नियम बनते हैं, वहां महिलाओं की संख्या कम हैं और वहां आरक्षण नहीं मिलता। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को आरक्षण न मिलने से महिला संंबंधी नियमों पर चर्चा कम हो पाती है।
अब संसद ने महिला आरक्षण विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके चलते आधी आबादी को उनका हक मिला है। इस नियम के बाद स्मृति ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को मजूबत बनाने के लिए ये बिल नए संसद भवन की शुरुआत में ही पेश किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने ये सिद्ध कर दिया है कि वो महिला सशक्तीकरण की सिर्फ़ बात ही नहीं करते, बल्कि वे इस दिशा में दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ काम करके भी दिखाते हैं।
इस बिल के माध्यम से मोदी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि मातृशक्ति सम्पूर्ण राष्ट्र की ताक़त है, जिसके बिना भारत के नव निर्माण की कल्पना बेमानी है। इसके लिये मोदी का भारत की नारियो की तरफ से वंदन और अभिनंदन है।
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