बलिया- गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, गंगा किनारे हरियाली रखने व गंगा की धारा अविरल बनाने को लेकर यूपी सरकार द्वारा शुरू किया गया। नमामि गंगे के तहत औद्योगिक विकास योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। गंगा के तटवर्ती इलाकों में योजना के तहत लघु पौधशाला स्थापित करने के लिए किसानों को बढ़ावा दिया जाएगा।
इसके लिए शासन द्वारा प्रति हेक्टेयर लघु पौधशाला स्थापित करने के लिए 15 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इसमें 50 फीसदी और अधिकतम 7.5 लाख का अनुदान भी दिया जाएगा। लघु पौधशाला का कारोबार उद्यमी भी कर सकते हैं। योजना के तहत लघु पौधशाला के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा।
सरकार के निर्देश पर कृषि विभाग की ओर से जहां प्राकृतिक व जैविक खेती पर जोर दिया जा रहा है। इस योजना को सफल बनाने के लिए नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। उद्यान्न विभाग को गंगा किनारे ग्रीन कॉरिडोर बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके तहत गंगा किनारे के खेतों में फलदार बाग लगाने का प्रावधान किया गया है। वहीं, औद्योगिक विकास योजना के तहत गंगा किनारे के क्षेत्रों में लघु पौधशाला भी स्थापित करने की तैयारी चल रही है। योजना के तहत 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसमें आम, अमरूद, नींबू, कटहल, लीची, मौसमी आदि पौधे लगाए जाएंगे हैँ।
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