बलिया में पत्रकारों की एंट्री बैन करने के लिए CHC के डॉक्टरों ने चली चाल?

Ballia News – बलिया के बेल्थरा रोड स्थित सीयर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से एक लिस्ट जारी की गई. लिस्ट बाकायदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दीवार पर चस्पा की गई है. इसमें 25 पत्रकारों के नाम हैं. सभी पत्रकार अलग-अलग संस्थानों से जुड़े हुए हैं. इसके साथ एक आदेश जारी किया गया है कि अधीक्षक और प्रभारी चिकित्सक अधिकारी इन्हीं पत्रकारों के सवालों का जवाब दें. इसके अलावा ‘अनाधिकृत’ पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के लिए अधिकारी बाध्य नहीं हैं.

ये लिस्ट जिला प्रशासन बलिया, स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई है. लिस्ट पर किसी अधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है. ना ही कोई मुहर लगी हुई है. तो सवाल ये है कि लिस्ट की प्रमाणिकता क्या है? पहली प्रमाणिकता ये है कि इसे सीएचसी की दीवार पर चस्पा किया गया है. यानी चोरी-छिपे ये काम नहीं हुआ है. हमने पुख्ता जानकारी के लिए सीयर सीएचसी के इंचार्ज डॉ. राकेश से फोन पर बातचीत की.

सीयर सीएचसी की ओर से जारी की गई पत्रकारों की लिस्ट.

डॉ. राकेश ने बताया कि “ये लिस्ट प्रमाणिक है. सीएमओ साहब के व्हाट्सएप ग्रुप में ये लिस्ट भेजा गया था. जिसका प्रिंट निकालकर चिपकाया गया था. लेकिन बाद में इस पर गलत तरीके से सवाल उठने लगा और गलत ढंग से लिया जाने लगा तो हमने लिस्ट हटा दी.” हमने डॉ. राकेश से पूछा कि आखिर इस सूची के जारी करने का मकसद क्या था और क्या वजहें थीं? उन्होंने कहा कि “दरअसल हम लोग कई बार पत्रकारों को पहचानते नहीं हैं. तो बस पहचान के तौर पर ऐसा किया गया था. लेकिन ऐसा नहीं है कि कोई और पत्रकार हमसे बयान लेने आए तो हम जवाब नहीं देते.” “लिस्ट के पीछे कोई गलत मंशा नहीं थी. इसीलिए जब मैसेज गलत गया तो लिस्ट हटा दी गई.” डॉ. राकेश ने कहा.

क्या बोले CMO ?

अब हमने मुख्य चिकित्सा अधिकारी यानी सीएमओ डॉ. जयंत कुमार से फोन पर बातचीत की. सीएमओ बलिया ने कहा कि “हमने सूचना विभाग से पत्रकारों के नाम की सूची मांगी थी. जो हमें मिली थी. लेकिन बाद में लिस्ट में किसी ने खेल कर दिया. किसी ने जानबूझकर लिस्ट के नीचे विवादित आदेश लिख दिया और सीएचसी में लगा दिया. मामला संज्ञान में आते ही हमने आदेश जारी कर लिस्ट हटवा दिया.”

सीएमओ बलिया के कहे अनुसार सीएचसी के स्तर पर ये फर्जीवाड़ा हुआ. लेकिन सीएचसी इंचार्ज का बयान ठीक उलट है. सीयर सीएचसी इंचार्ज की मानें तो लिस्ट सीएमओ के व्हाट्सएप ग्रुप में आधिकारिक तौर पर भेजी गई थी. दोनों के बयान विरोधाभासी हैं. कौन सच है और कौन झूठ? फिलहाल ये गुत्थी नहीं सुलझी है. लेकिन सीएमओ के बयान से इस मामले का एक सिरा सूचना विभाग से जुड़ता है. तो हमने सूचना विभाग में भी बातचीत की.

ज़िला सूचना अधिकारी ने बलिया ख़बर से बातचीत में कहा कि “हमने पत्रकारों की एक सामान्य सी सूची भेजी थी. उसमें हमारी ओर से कोई आदेश नहीं लिखा गया था. बाद में लिस्ट में फर्जीवाड़ा किया गया है.”

सवालों के घेरे में सीयर CHC:

बलिया के सीएमओ डॉ. जयंत कुमार और ज़िला सूचना अधिकारी का बयान एक जैसा है. दोनों के बयान बताते हैं पत्रकारों को बयान देने वाला विवादित आदेश सीएचसी के स्तर पर लिखा गया. सवाल ये है कि क्या पत्रकारों की सूची में विवादित आदेश सीएचसी के अधिकारियों ने अलग से लिखा? क्या ये छेड़खानी इसलिए हुई ताकि सीएचसी की खामियों पर ख़बर ना हो सके? अगर दोनों सवालों के जवाब हां हैं तब बड़ा सवाल ये है कि ये काम किसने किया?

Akash Kumar

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