बलिया- जिला अस्पताल में बुखार तक की दवा नहीं उपलब्ध है। दैनिक अखबार अमर उजाला की खबर के मुताबिक दवा के खत्म हुए एक सप्ताह से अधिक का समय हो गया है लेकिन अभी तक उसे उपलब्ध नहीं कराया गया है। साथ ही करीब चार अन्य प्रकार की की दवाओं का अभाव है। मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। जिला अस्पताल के दवा स्टोर में बुखार की दवा पैरासिटामाल खत्म हो गई है। दवा का वितरण 14 फरवरी को किया गया था। उसके बाद से किसी को भी बुखार की दवा नहीं दी गई। जिससे मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। जबकि मौसम में हो रहे बदलाव के चलते बुखार के मरीजों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ रही है। जिला अस्पताल में बुखार के करीब आठ हजार गोलियां वितरित की जाती है। ऐसे में दवा नहीं मिलने से मरीजों के ऊपर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। यही नहीं पैरासिटामाल दवा के साथ ही कैल्शियम, आयरन और बी-कांप्लेक्स दवा भी उपलब्ध नहीं है। जबकि इन दवाओं का प्रयोग अन्य दवाओं के साथ अनिवार्य बताया जाता है।
फेफना थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव से उपचार कराने आई हुलासो देवी ने बताया कि जिला अस्पताल की पर्ची पर सभी दवाएं उपलब्ध नहीं है। कहा जा रहा है कि बुखार की दवा बाहर से खरीदनी पड़ेगी। दुबहड़ थाना क्षेत्र के भृगु ने बताया कि कुछ दवाएं अस्पताल से मिली है तथा कुछ दवाओं को बाहर से लेने के लिए कहा गया है।
बिशुनीपुर से उपचार कराने आए सलीम खां ने बताया कि मैं अपने बच्चे को लेकर जिला अस्पताल गया था। डॉक्टर ने जांच के बाद दवा की पर्ची थमा दी। दवा वितरण कक्ष में पर्ची दिखाने पर कहा गया कि यह दवा उपलब्ध नहीं है। इसे बाहर से ही लेना पड़ेगा। माल्देपुर निवासी दिनेश ने बताया कि मैं अपनी पत्नी को डॉक्टर से दिखाने जिला अस्पताल गया था। डॉक्टर द्वारा लिखी दवाओं में से केवल एक ही दवा अस्पताल से मिली। शेष दवाओं को बाजार से खरीदा गया।
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