बलिया। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बलिया के दौरे पर थे। बलिया का ऐसा कोई सरकारी विभाग नहीं था जिसने चौकन्ना होकर जिले की रंगाई-पुताई नहीं करवाई हो। सीएम की नज़र में सभी विभाग अपने को सर्वश्रेष्ठ दिखाना चाहते थे।लेकिन योगी के जाते ही बेपरवाह और बेकाम सरकारी अधिकारियों की पोल खुल गई है। दरअसल, पूरी तरह से जर्जर हो चुके एनएच 31 पर बने कटहल नाला पुल को ढंकने के लिये लगाया गया करकट सीएम के जाते ही गायब हो चुका है।लोगों का कहना है कि जिस विभाग ने टिनशेड लगवाया था, उसी के अफसरों ने करकट को निकलवा भी दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले में आने से दो-तीन दिनों पहले शहर के प्रवेश द्वार यानि चित्तू पांडेय चौराहा से चंद कदम की दूरी पर स्थित कटहल नाला पुल को करकट से ढंका गया था।यह कुछ ऐसा ही हैजैसे अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर गुजरात में झुग्गी बस्तियों को करकट से ढंक दिया गया था। साथ ही बड़ी-बड़ी दीवारों से झोपड़ियों को तोप दिया गया था।पुल के दोनों तरफ और रेलिंग पर नया करकट खड़ा किया गया था। ऐसा इसलिये किया गया था ताकि सीएम की नजर खतरनाक पुल तथा नाले के अंदर फैली गंदगी पर न पड़े सके।
खबरों की मानें तो, 17 जून को करकट लगवाने वाले ठेकेदार ने नाप-तोल कर कराया ताकि पैसे का भुगतान हो सके। 18 जून को सीएम के आने से पहले लगाये गये करकट पर स्वच्छता व सरकारी योजनाओं से जुड़े स्लोगन लिखवाये गये।मुख्यमंत्री के जाने के कुछ दिनों बाद ही करकट को हटा दिया गया। लोगों का कहना है कि जब करकट को हटवाना ही था तो उसे लगवाने या सरकारी स्लोगन क्यों लिखवाया गया? यही नहीं, बकायदा उसके लिए ठेकेदार को भुगतान भी दिया गया। हो ना हो इस काम में ठेकेदार सहित सरकारी अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है।
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