बलिया – अदालत ने स्वीकारी सुभासपा प्रत्याशी की याचिका, सपा अध्यक्ष की पत्नी पर है आरोप

बलिया। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के वार्ड नंबर-42 में जिला पंचायत की प्रत्याशी मंजू सिंह यादव ने जिला प्रशासन और समाजवादी पार्टी के नेताओं पर जानबूझ कर चुनाव हरवाने का आरोप लगाते हुए जिला जज की अदालत में चुनाव याचिका दाखिल की थी। इस याचिका को स्वीकार करते हुए प्रभारी जिला जज राहुल कत्यायन ने 11 विपक्षीगणों को नोटिस जारी कर तलब करने का आदेश दिया है। इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 12 जुलाई को तय की गई है। इस मामले में याचिकाकर्ता मंजू सिंह यादव ने कुल 11 लोगों को विपक्षी के रूप में शामिल किया है, जिसमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व सपा के जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव की पत्नी रंजू यादव को पक्षकार संख्या एक बनाया गया है।

जानिए पूरा मामला– कुछ दिन पहले मंजू सिंह यादव ने आरोप लगाए थे कि मुझे आरओ, नगर मजिस्ट्रेट और सदर उपजिला मजिस्ट्रेट ने मिलकर जबरन चुनाव हराया है। मंजू सिंह यादव के पक्ष से अशोक यादव ने बताया कि मंजू सिंह यादव को 5850 वोट मिला था जबकि हमारे प्रतिद्वंदी रंजू यादव को 5729 वोट मिला था। इस तरह से मंजू सिंह यादव को 121 वोटों से विजयी घोषित किया गया था।

जीते हुए प्रत्याशियों की लिस्ट में फोटो के साथ ही मंजू सिंह यादव नाम भी छपा था। सभी जीते हुए प्रत्याशियों को जीत का प्रमाण पत्र दिया गया लेकिन आरओ द्वारा सिर्फ वार्ड नंबर- 42 से जीती हुई प्रत्याशी मंजू सिंह यादव का प्रमाण पत्र रोक दिया गया। यह सारा काम समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राजमंगल यादव, नारद राय ,संग्राम सिंह यादव, बंशीधर यादव के इशारों पर हुआ।

मंजू सिंह ने उठाए यह सवाल-  मंजू सिंह यादव ने सवाल उठाए थे कि कलेक्ट्री परिसर में नारद राय ने मेरी 121 वोटों से जीत दर्ज करने के बाद आरओ क्यों घेरा? सभी विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र दिया लेकिन मेरा ही प्रमाण पत्र क्यों रोका? सभी अधिकारियों ने मुझे जीत की बधाइयां दी थी कि आप 121 वोटों से चुनाव जीती हैं। राजमंगल यादव ने भी मुझे बधाई दिया था उसके बावजूद मुझे चुनाव क्यों हराया गया? मंजू सिंह यादव ने दो बार डीएम साहिबा को फोन की फोन रिसीव भी किया गया लेकिन डीएम साहिबा से बात क्यों नहीं कराई गई?

जब नारद राय ने आरओ पर दबाव बनाया तो आरओ साहब क्यों डर गए? इसकी वीडियो हमारे पास है? राज मंगल यादव जब एजेंट नहीं थे तो अंदर गए कैसे? जीते हुए सभी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र दिया गया लेकिन मेरा ही केवल प्रमाण पत्र क्यों रोक दिया गया? इस प्रकार कुल 11 सवाल मंजू यादव ने उठाए हैं। उनकी मांग है कि मामले में निष्पक्ष रुप से कार्रवाई की जाए, पुनः काउंटिंग किया जाए और सही इंसाफ किया जाए।

Rashi Srivastav

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