बलिया इन दिनों बाढ़ की चपेट में आ चुका है और लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है. कई इलाकों में पानी भरा हुआ है और तमाम घर भी धराशायी हो चुके हैं. लेकिन लगता है खुद बलिया के सांसद जी को इसकी खबर नहीं है या फिर यह भी हो सकता है कि जिस जनता ने उन्हें जिताकर सासंद बनाया है उसकी सुध लेने का उनके पास वक़्त नहीं. कुछ भी हो सकता है लेकिन एक बात तो तय है कि मुश्किल की इस घड़ी में बलिया से जीते भारतीय जनता पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त जी खुद में मस्त हैं.
हालात ऐसे हैं कि सूबे के मुखिया सीएम योगी ने खुद बलिया आकर बाढ़ में डूबे इलाके का दौरा किया और कई दिशा निर्देश अधिकारीयों को दिए लेकिन सीएम की आमद के दौरान भी सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त नदारद रहे. बड़ी बात यह है कि सोशल मीडिया के ज़माने में बात बात पर ट्वीट और पोस्ट करने वाले जनता के प्रतिनिधि मस्त जी ने एक पोस्ट तक नहीं लिखी है. इसका क्या मायने निकाला जाना चाहिए?
बहरहाल, इलाके के लोगों का यह भी कहना है कि नीरज शेखर का पार्टी में शामिल होना सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त को रास नहीं आया है. हाल यह है कि दोनों एक दूसरे के साथ .मंच साझा करने में भी कतराने लगे हैं. सीएम योगी के दौरे के दौरान नीरेज़ शेखर भी मौजूद थे.
ऐसे में लोगों का कहना है कि शायद इसलिए ही सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त मौजूद नहीं रहे. लेकिन सवाल यह उठता है जनता ने मस्त जी को अपना सासंद चुना है. मुश्किल वक़्त में उन्हें उनका साथ चाहिए. वहीँ जब बलिया खबर ने इस बाबत सांसद जी से बात करने की कोशिश की तो फ़ोन नहीं उठाया गया.
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