इस वक़्त जहाँ एक तरफ बलिया का दूबेछपरा इलाके में बाढ़ आई हुई है. अभी बीते कल ही सीएम योगी ने इलाके का दौरा किया था. लेकिन फिलहाल लोगों को राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है. नई खबर यह है कि इलाके के लोगों का पलायन जारी है. एक एक करके लोग अपना घर बार छोड़कर पलायन कर रहे हैं. उनके पास कोई और रास्ता भी नहीं है. जिन लोगों को जनता ने चुना था, उनकी तरफ से भी कोई मदद नहीं मिल रही है.
एक तरफ जहाँ बाढ़ टूटने को लेकर विधायक सुरेंद्र सिंह के ऊपर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं, वहीँ बात अगर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की करें तो वह अभी लापता ही चल रहे हैं. योगी के दौरे के दौरान भी वह नहीं दिखे. ऐसे में जनता पूछ रही है कि जब नेता ही ऐसे हो तो हम करें तो करें क्या?
आपको बता दें कि इलाके के लोगों के अपने विधायक और ससंद को लेकर बेहद नाराज़गी है. देखा जाए तो इसकी माकूल वजह भी है.
बाँध का टूट जाना कोई छोटी बात नहीं है. वहीँ इलाके के लोगों का कहना है कि जब हम परेशानी में हैं तो बात बात पर कभी राहुल गाँधी, कभी सोनिया गाँधी तो कभी पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी को लेकर बयानबाजी करने वाले विधायक सुरेंद्र सिंह की इस वक़्त बोलती क्यों बंद है. जब लोगों का आशियाना उनकी आँखों के सामने तहस नहस हो रहा है तो इस पर भी उन्हें बोलना चाहिए. हालाँकि उन्होंने बाँध के टूटने की ज़िम्मेदारी ली है लेकिन क्या महज़ ज़िमेम्दारी लेने से जनता के प्रति उनकी जो ज़िम्मेदारी है, उसे भुला दिया जाएगा?
फिलहाल लोगों को तत्काल राहत और मदद की ज़रुरत है. सीएम योगी के दौरे के बाद उम्मीद है कि प्रशासन बचाव कार्य में तेज़ी लाएगा लेकिन लोगों ने अभी अभी अपने विधायक और सासंद से उम्मीद लगाई हुई है.
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