क्या बलिया में है मॉरीशस के प्रधानमंत्री का पैतृक गांव? 24 जनवरी को रसड़ा आयेंगे!

बलिया। मॉरीशस गणराज्य के उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवरधन ने जनपद के जिले के रसड़ा कस्बा में स्थित डाक बंगला पर पहुंचे। जहां मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द जग्नाथ के पैतृक गांव को पता लगाने की गुजारिश की। जहां उनकी आगवानी जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत के नेतृत्व में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने की।

डाक बंगला में उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवरधन ने रसड़ा इलाके के विभिन्न गांवों से आये लोगों के साथ ही अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों तथा श्रीनाथ मठ के मठाधीश्वर कौशलेन्द्र गिरि के साथ काफी देर तक खाटी भोजपुरी में न सिर्फ बातचीत किया।

कहा कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री अपने पैतृक गांव को न सिर्फ जानना चाहते है, बल्कि गंवई रिश्ता को मजबूत बनाना चाह रहे है। इसके लिए वे 24 जनवरी 2019 को रसड़ा आयेंगे। वे गांव घर व अपनों से रोजी-रोटी का रिश्ता चाहते है। वे चाहते है कि उनके गांव व इलाके का चातुर्दिक विकास हो। युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाय। इस कार्य में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भरपूर साथ मिल रहा है। उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवरधन ने बताया कि प्राविन्द जुग्नाथ 23 जनवरी 2017 से मॉरीशस देश के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित कर रहे है। इससे पूर्व इनके पिता अनिरूद्ध जुग्नाथ लगातार 18 वर्ष तक मॉरीशस के प्रधानमंत्री पद पर रहे।

1873 में प्रधानमंत्री के पूर्वज गये थे मॉरीशस
उच्चायुक्त जगदीश्वर गोवरधन ने बताया कि प्रधानमंत्री प्राविन्द जुग्नाथ के पूर्वज दम्पति (विदेशी व बतसिया) 1873 में जहाज से गन्ना बोने के लिए मॉरीशस गये थे और वही के हो गये।

तब रसड़ा (रसरा) गाजीपुर जनपद में था और परगना लखनेश्वर था। उच्चायुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री प्राविन्द जुग्नाथ के पूर्वज ‘अहीर’ जाति से है। प्रधानमंत्री प्राविन्द जुग्नाथ अपने पैतृक गांव व कुल-खानदान के लोगों से मिलना चाहते है।

इसके लिए वे भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी आग्रह किये है, जिसके तारतम्यता में भीरत सरकार इस दिशा में सार्थक पहल कर रही है। बताया कि प्रधानमंत्री प्राविन्द जुग्नाथ कुम्भ मेला के साथ ही 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले 24 जनवरी को वे रसड़ा आयेंगे और अपने गांव व क्षेत्र के लोगों से मिलकर बात करेंगे।

उच्चायुक्त ने उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्रीय ग्रामीणों से प्रधानमंत्री के पैतृक गांव का पता लगाने में मदद की अपील भी किया।

इस मौके पर डीएम भवानी सिंह खंगारौत के अलावा एसडीएम ज्ञानप्रकाश यादव, तहसीलदार श्रीधर चौरसिया, सहित  दर्जनों क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।

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