बलिया में 14 वर्षीय दलित किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 45 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामले की जानकारी देते हुए अभियोजन विभाग के संयुक्त निदेशक सुरेश पाठक ने बताया कि किशोरी रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की निवासी है। जिसके साथ 27 अक्टूबर 2020 की रात आरोपी ने युवती को अगवा कर लिया। और किशोरी के साथ बलात्कार किया। आरोपी मेरू राय का पुरा गांव निवासी सुगन निकला।
घटना के बाद किशोरी के पिता ने रसड़ा कोतवाली में तहरीर दी। तहरीर के आधार पर सुगन के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता के अलावा पॉक्सो अधिनियम और एससी/एसटी (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति) कानून की सुसंगत धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।
वहीं सोमवार को मामले की सुनवाई हुई। जहां अपर जिला न्यायाधीश गोविंद मोहन की अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी सुगन को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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