बलिया डेस्क : जिस मां ने नौ महीना नौ दिन कोख में रखकर, पीड़ा सहकर बेटा को दुनिया की रोशनी दिखाई, बाप ने उसकी हर छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा किया। उसी कलियुगी बेटे ने मां-बाप को जीते जी मार दिया और उनकी सारी संपत्ति पर कब्जा जमा लिया।
बेटा यहीं नहीं रूका ममता को तार-तार करते हुए बूढ़ी मां और बाप को घर से भी निकाल दिया। ऐसा ही चौकाने वाला मामला मंगलवार को तब प्रकाश में आया जब मां ने फरियाद लेकर डीएम दरबार पहुंची। रसड़ा निवासी मां मैमून निशा का कहना है कि मेरे दो पुत्र है। जिसमें छोटा बेटा समसाद अंसारी ने मुझे और मेरे पति को यह कहते हुए घर से निकाल दिया कि जाओ इस घर में तुम लोगों के लिए कोई जगह नहीं है।
मैं फिलहाल अपना बड़ा बेटा समसेर अंसारी के साथ रहती हूं। पति बीमार चल रहे है। हम लोग जब नगर पालिका में पता किए तो पता चला कि हम दोनों को मृत घोषित कर दिया गया है। हम लोग पुलिस के पास भी गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
माँ ने बेटे पर आरोप लगाया कि पैसे के बल वो सब कुछ रुकवा देता है है और रसड़ा नगरपालिका के मिली भगत से हमे मृत घोषित कर दिया गया है जबकि मैं जिंदा हूं।
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय…
बलिया जिले की फेफना विधानसभा क्षेत्र के तीखा गांव में टोंस नदी तट पर स्थित…
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से…
बलिया के चितबड़ागांव स्थित जमुना राम मेमोरियल स्कूल में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी…