बलिया। जिले में शुक्रवार को न्यायाधीशों ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। साथ ही कैदियों से बात भी की। इस दौरान बंदियों की छोटी-छोटी समस्याओं पर ध्यान देते हुए, उन्हें सुना और समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के लिए प्रभारी जेल अधीक्षक को निर्देशित किया।
बता दें माननीय उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार और माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया जितेन्द्र कुमार पाण्डेय के कुशल मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, नरेन्द्र पाल राणा और शाम्भवी यादव अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम बलिया ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जेल अपील के सम्बन्ध में भी पूछताछ हुई, प्रभारी जेल अधीक्षक ने बताया कि सभी दोषसिद्ध बन्दियों ने जेल अपील और निजी अपील दाखिल की है। प्रभारी जेल अधीक्षक, जिला कारागार बलिया को भी निर्देशित गया कि जिन बन्दियों के पास अपने मुकदमें की पैरवी के लिए अधिवक्ता नही है, उनसे प्रार्थना पत्र लेकर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया को प्राप्त करवाना सुनिश्चित करें।
साथ-ही जिला कारागार में विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, नरेन्द्र पाल राणा की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें बंदियों को विधिक रूप से जागरूक गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव ने बताया कि जिला कारागार बलिया में लीगल एड क्लीनिक स्थापित किया है, जिसमें पैरा लीगल वालेंटियर नामित है, जो बंदियों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराएंगे।