बलिया के स्वास्थ्य विभाग में प्रधान लिपिक रहे दयाशंकर वर्मा को बर्खास्त कर दिया गया है। बीते चार जनवरी को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक राजा गणपति आर ने पत्र जारी कर जिलाधिकारी और सीएमओ बलिया और चित्रकूट को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि दयाशंकर के बर्खास्तगी आदेश में लिखा गया है कि करीब 32 वर्षों तक बलिया में तैनात रहे दयाशंकर ने शासन के निर्देशों की बार-बार अवहेलना की। इसके साथ ही पत्नी की विकलांगता का फर्जी प्रमाणपत्र भी लगाया गया। 30 जनवरी 2019 को उन्हें चित्रकूट सीएमओ कार्यालय में स्थानांतरित किया गया था।
लेकिन उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया। सीएमओ कार्यालय बलिया की उपस्थिति पंजिका में अपना हस्ताक्षर बनाता रहा। इसके बाद दयाशंकर के खिलाफ जांच की गई। वहीं इस कार्रवाई से विभाग में हड़ंकप मचा रहा। इधर स्वास्थ्य विभाग में करीब 40 स्वीपर चौकीदारों को नियमों को ताक पर रख कर वार्ड ब्वॉय और फील्ड वर्कर के पद पर प्रोन्नत किया गया है। जबकि वर्ष 2014 में स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन निदेशक अविनाश गौड़ ने पत्र भेज कर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद परिवर्तन नहीं किए जाने का निर्देश दिया था। अब इस मामले में जांच की जा रही है।
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