बलिया जेल में लगातार हंगामे के बाद जेल अधीक्षक उदय प्रताप को निलंबित कर दिया गया। और निलंबन की कार्रवाई के बाद उन्होंने बेहद ही चौकाने वाला बयान दिया है। जिनका कहना है कि जेल में कैदियों के पास मोबाइल थे। और मोबाइल वापस लेने पर ही कैदी हंगामा कर रहे थे। निलंबित जेल अधीक्षक उदय प्रताप ने बताया कि जेल का चार्ज लेने के पहले अधिकांश कैदियो के पास मोबाइल था। जेल का चार्ज लेने के बाद जेल की बहुत सारी गंदकियो को साफ किया। शासन के निर्देश पर चेकिंग के दौरान लगातार जेल से मोबाइल फोन निकल रहे थे।
इतना ही नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि जेल मे चेकिंग के दौरान कैदियों से मोबाइल निकालने पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। उदय प्रताप ने आगे बताया कि कैदियों से चेकिंग मे मोबाइल फोन निकालने पर जेल में कैदी हंगामा कर रहे थे। जेल में बंद अपराधी किस्म के कैदियों ने अपना वर्चस्व बना लिया था। निलंबन से जेलकर्मियों का धैर्य टूट गया है।वह अपराधिक किस्म के कैदियों के पास जाने का साहस नहीं कर रहे हैं। चार्ज लेने से पहले जेल में कैदियों के मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था।
जेल से मिले मोबाइल की CDR से पता लग जाएगा कि कब से जेल में मोबाइल फोन कैदियों के पास थे। निलंबित जेल अधीक्षक के इस चौकाने वाले बयान से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने अपने आरोपों से जेल प्रशासन को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। हालांकि अब देखना होगा कि उनके इस बयान के बाद आगे क्या कार्रवाई की जा सकती है। और उनके आरोपों की जांच होती है या नहीं। कैदियों के पास मोबाइल होबे की खबर अपने आप में चौकाने वाली है।
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