बलिया के बांसडीह से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक कलयुगी बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर पिता को मौत के घाट उतार डाला। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है जबकि बेटा फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है।
घटना बांसडीह के चोरकैंड गांव की है। जहां मंगलवार की मध्यरात्रि 67 वर्षीय रामजन्म राजभर अपने घर के बाहर बैठे थे। इसी बीच उनके बेटे प्रमोद और बहू शांति देवी ने अचानक उनपर हमला कर दिया। बेटे-बहू ने बुरी तरह बुजुर्ग को पीटना शुरु कर दिया। चीख पुकार सुनकर दूसरे बेटे अशोक का परिवार बचाने के लिए आया तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
जिसके बाद कोतवाल राजीव मिश्र मौके पर पहुंचे। परिजन रामजन्म को बांसडीह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
जानकारी के मुताबिक रामजन्म के तीन पुत्र अशोक, प्रमोद और विनोद हैं। रामजन्म अशोक के परिवार के साथ रहते थे और प्रमोद-विनोद के परिवार को वह कुछ नहीं देते थे। कुछ दिनों पहले ही रामजन्म ने अपने गांव की जमीन बेची थी और सारा पैसा अशोक को दे दिया। बस इसी बात को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। प्रमोद और उसकी पत्नी शांति देवी अपने हिस्से का पैसा मांग रहे थे। जब बुजुर्ग ने पैसे नहीं दिए तो आरोपियों ने लाठी-डंडो से पीटकर उनकी हत्या कर दी।
कोतवाल राजीव मिश्र ने बताया कि रामजन्म के नाती अंकित राजभर की तहरीर पर प्रमोद व शांति देवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। शांति देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बेटा प्रमोद घर से फरार है। गांव में सुरक्षा को देखते ही रात से ही पुलिस व पीएसी के जवानों की तैनाती कर दी गई है।
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