बलिया स्वास्थ्य विभाग के लिपिक दयाशंकर को बर्खास्त कर दिया गया है। बुधवार को शासन द्वारा उनकी बर्खास्त का आदेश जारी हो गया है। बता दें कि 30 जनवरी 2019 को ही प्रशासन ने दयाशंकर को कार्यभार ग्रहणम करने का निर्देश दिया था।
इस बीच 29 फरवरी को बलिया सीएमओ ने दयाशंकर को कार्यमुक्त करन दिया लेकिन 15 दिसंबर 2021 तक भी उसने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। बल्कि दयाशंकर बलिया सीएमओ कार्यालय की उपस्थिति पंजिका में अपनी हाजिरी लगाता रहा। जो कि कर्मचारी आचरण नियमावली के खिलाफ है।
इस मामले में अपर निदेशक डॉक्टर एके पांडेय के द्वारा करीब सात माह से जांच की जा रही थी। उन्होंने 29 अगस्त 2022 को पत्र भेजकर दयाशंकर से अपना पक्ष रखने को कहा था। लेकिन जबाव न मिलने पर उसे बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी आदेश में निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजागणपति आर. ने लिखा है कि सीएमओ चित्रकूट के अधीन स्थानान्तरित प्रधान सहायक दयाशंकर के खिलाफ सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के नियमों के अधीन विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई संस्थित की गई है।
गौरतलब है कि बलिया स्वास्थ्य विभाग में दयाशंकर का खूब दबदबा रहा। इसका कभी तबादला नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक कई नियुक्तियों में इस बाबू का ही सिक्का चला। सारी सिफारिश दयाशंकर के पास ही होती थीं सीएमओ केवल हस्ताक्षर करते ते। ऐसे में दयाशंकर लगातार अपनी मनमानी करता रहा। बिना ड्यूटी किए ही काफी समय से मुफ्त का वेतन ले रहा था।
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