बलिया। गंगा नदी में बाढ़ से प्रभावित लोगों के सामने अब रोजी रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है। मवेशियों को चारा जुटाना भी पशुपालकों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रही है। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र की बिजली काट दी गयी है। जिन परिषदीय स्कूलों में पानी घुस गया है या वे बाढ़ से घिर गए हैं, उन्हें एहतियातन बंद कर दिया है। बता दें अब तक जिले में 74 परिषदीय विद्यालयों को बंद कराया गया है।
बेसिक शिक्षा कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक सर्वाधिक 22 विद्यालय बेलहरी शिक्षा क्षेत्र के बंद हुए हैं। इनके अलावा शिक्षा क्षेत्र बैरिया के 18, दुबहड़ और सोहांव के 11-11, हनुगानगंज के 8 और शिक्षा क्षेत्र मुरलीछपरा के 3 विद्यालयों को बाढ़ की चपेट में आने से बंद कराया है। इनके अलावा नगर क्षेत्र का भी एक विद्यालय बाढ़ की वजह से बंद हुआ है। बीएसए मनि राम सिंह ने बताया कि बैरिया के अधिसंख्य विद्यालयों को अस्थायी तौर पर शिविर में संचालित किया जा रहा है। सभी बंद विद्यालयों के शिक्षकों को शिक्षकों को आसपास के विद्यालयों में सेवा देने का निर्देश है।
वहीं बाढ़ के चलते जिले के 18 गांवों में बिजली सप्लाई काट दी गयी है। टाउन फीडर के महावीर घाट, गंगहरा और सागरपाली से सटे गांवों की बिजली बंद की गयी है। वहीं बैरिया फीडर के दूबेछपरा, गोपालपुर, उदईछपरा, प्रसाद छपरा, मुरलीछपरा, बुधनचक, पांडेपुर, सेमरिया, बाबू के शिवपुर, टोला फतेह राय, रामपुर कोड़रहा, चांद दियर आदि 15 गांवों में आपूर्ति बंद की गयी है। विभाग के एसई आरके जैन ने बताया कि जिन-जिन गांवों में बाढ़ का पानी भरने की जानकारी सम्बंधित तहसीलदार द्वारा मिली है, वहां की आपूर्ति बंद कर दी जा रही है।
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