बलिया। दहेज प्रता’ड़’ना भारत की सबसे घातक बीमारी बन गई है। जो लाखों महिलाओं की जान निगल चुकी है। दहेज को लेकर अच्छी भली शादियां टूट रही हैं और इसका सबसे बड़ा दंश लड़की और उसके परिवारवालों को झेलना पड़ता है। बीते कुछ दिनों से दहेज प्रताड़ना के कुछ ज्यादा ही मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में अदालत ने दोषियों की कड़ी सजा सुनाई है। मामला दहेज के लिए हत्या से जुड़ा था। अदालत ने सुनवाई करते हुए मामले में 5 आ’रोपि’यों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीन साल पुराने इस मामले में मृ’तका के पति समेत पांच परिजनों को दोषी ठहराया।
पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा के मुताबिक बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के गंजरी शिवपुर दियर गांव के अशोक सिंह ने अपनी बेटी मीना की शादी हिन्दू रीति-रिवाज से फरवरी 2008 में बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के रोहुआ गांव के शेषनाथ सिंह के साथ की थी। लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज को।लेकर युवती को परेशान करने लगे। उन्होंने बताया कि मीना की तीन अप्रैल 2018 को दहेज को लेकर ससुराल में जलाकर ह’त्या कर दी गयी। मामले में मृतिका के पिता अशोक सिंह की शिकायत पर बांसडीह कोतवाली में पति शेषनाथ सहित पांच लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पूरे मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने तमाम गवाह और सबूतों को देखा। मामले में अपर जिला जज नितिन कुमार ठाकुर के न्यायालय ने पति शेषनाथ उर्फ शेष बहादुर सिंह, ससुर सुरेश सिंह, सास तेतरी देवी व जेठानी सुनीता सिंह व सरिता सिंह को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अदालत ने प्रत्येक आरोपी को पांच हजार रुपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया। अर्थ दण्ड न अदा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारवास भुगतना होगा।
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