बलिया
जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने बाढ़ की स्थिति के निपटने के लिए सभी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त नावों की व्यवस्था कर ली जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि राहत शिविर को अभी से चिन्हित कर लिया जाए।
बताया कि बाढ़ प्रभावित तहसीलों में एक—एक मॉडल राहत शिविर बनाया जाएगा। सभी बाढ़ राहत शिविरों, चौकियों व केंद्रों के लिए फ्लैक्स बनवा लिए जाएं। स्वच्छ जल, कीटनाशक दवाएं, चूना व राहत कैंप पर जेनरेटर आदि की व्यवस्था कर ली जाए। कैंपों में लोगों को सूचित करने के लिए लाउडस्पीकर की भी हो। राहत कैंप की फोटो वहां आने वाले लोगों का नाम, पिता का नाम, पता व मोबाइल नम्बर जरूर रखा जाए। फोटो व वीडियो प्रतिदिन भेजी जाए।
खाने की सामग्री का मीनू अभी से तैयार कर लिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि राहत में लगाई जाने वाली नावों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। इस बात का ध्यान रहे कि छोटी नावों का पंजीकरण नहीं हो। पंजीकृत नावों का ही भुगतान होगा। बाढ़ में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लेखपाल, पंचायत सचिव, गोताखोर व विशिष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ के दौरान सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होंगे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को सभी राहत शिविरों की तहसीलवार व थानेवार सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
क्षति के आकलन के लिए तैयार रहें लेखपाल कानूनगो
बलिया। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम, तहसीलदार को निर्देश दिया कि जलप्लावन की स्थिति में लेखपाल, कानूनगो अभी से अपने क्षेत्र में लग जाएं। खेतों में पानी भरने पर उसकी क्षतिपूर्ति के लिए पहले से क्षति का आकलन कर लें। क्योंकि बाढ़ आने पर 24 घंटे के अंदर राहत सामग्री अनिवार्य रूप से वितरित की जानी है।
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