बलिया के लालगंज में बालू भंडारण मामले विभाग की कार्रवाई संदिग्ध नजर आ रही है। अवैध खनन मामले में मृतकों पर एफआईआर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बता दें कि बैरिया में अवैध खनन को लेकर खान निरीक्षक ने भूस्वामियों पर मुक़दमा दर्ज कराया था। आनन-फानन में लिखे मुकदमे में दर्जन से अधिक मृतकों के नाम शामिल हैं। मुरारपट्टी निवासी प्रदुम्न पुत्र विशुन दयाल, सूरजदेव पुत्र विशुन दयाल, नामदेव पुत्र प्रभु दयाल, भानु पाठक पुत्र प्रभु दयाल, राम गोविंद पुत्र रामजन्म आदि मृतक है। इनकी दशकों पहले मौत हो चुकी है। लेकिन फिर भी ये खनन मामले में आरोपी बनाए गए हैं।
इससे विभागीय कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह उठने लगा है। चर्चा है कि वास्तव में बालू का अवैध व्यवसाय करने वालों को बचाने के लिए उक्त नामों पर मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति की गई है। विभाग के इस रवैये से किसानों को डर लगता है कि विभाग कब और किसका नाम जबरजस्ती मामले में घसीट दे। इस संदर्भ में क्षेत्राधिकारी बैरिया मो. उस्मान ने कहा कि खान निरीक्षक बलिया जितेश कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। संबंधित मुकदमा जांच प्रक्रिया में है। यदि एफआईआर में मृतकों का नाम सामने आता है तो उन्हें हटा दिया जाएगा।
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