बलिया नगरपालिका के द्वारा कूड़ा उठाने के लिए ई-रिक्शा खरीदे गए थे ताकि नगर को गंदगी मुक्त किया जा सके। लेकिन अब ये ई-रिक्शा खुद कबाड़ बन गए हैं।
बता दें कि नपा द्वारा 2019-20 में नगर की सफाई के लिए 25 ई-रिक्शा खरीदे गए थे। इन ई-रिक्शा को अलग डिजाइन से बनवाया गया था कि यह नगर की छोटी गलियों में भी आसानी से जा सके। गीले-सूखे कचरे के लिए अलग-अलग कंटेनर थे। इन ई-रिक्शा से शहर के 25 वार्डों से कचरा कलेक्ट किया जाता था लेकिन देखरेख के अभाव में यह ई-रिक्शा खराब हो गए।
अब लगभग एक वर्ष से पानी टंकी के पास स्थित एक गोदाम में खड़े कर दिए गए हैं। तत्कालीन ईओ ने सात ई-रिक्शा की मरम्मत करवाई थी। ये कभी- कभार चलते दिखाई दे जाते हैं। शेष 19 ई-रिक्शा उसी तरीके से गोदामों में धूल फांक रहे हैं। लाखों की लागत से बने ये रिक्शा शो पीस बनकर रह गए हैं। इन वाहनों के पहिए धंसने लगे हैं। ई-रिक्शा जंग खा रहे हैं।
वहीं ई-रिक्शा के द्वारा कचरा संग्रहण न होने से शहर में जगह जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। शहरवासी अपने घर से निकला कूड़ा निश्चित स्थानों या सड़क किनारे फेंक देते है। इसे लावारिस पशु बिखेरते रहें है। ट्रैक्टरों के माध्यम से इस कचरों को उठाया जाता है।
बलिया नगर पालिका ईओ सत्य प्रकाश सिंह का कहना है कि रिक्शों की मरम्मत हुई थी पेमेंट नहीं होने से ठेकेदार ने मरम्मत करने से मना कर दिया है। अभी बजट का अभाव है। बजट आने पर इनकी मरम्मत कराई जाएगी।
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