बलिया के डीएम भवानी सिंह खंगारोत ने एक अनूठी मिसाल पेश की है । जिसकी की अब हर तरफ चर्चा हो रही है । उन्होंने कहा है की पालीबैग और व पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने के लिए शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ।उन्होंने निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस संबंध में जन जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। शैक्षिक संस्थानों, समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों आदि मे इस अध्यादेश में किए गए प्राविधानों के बारे में जानकारी दी जाए,कि पॉलीथिन से क्या-क्या नुकसान होते हैं और यह कितनी हानिकारक है ।जिलाधिकारी ने कहा यह कार्य मिशन मोड में होना है।
उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में प्रभावी ढंग से प्रवर्तन /छापामार कार्रवाई की जाए तथा जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। जिलाधिकारी ने इशारा किया कि 15 अगस्त से थर्माकोल के आइटम भी बंद होने वाले हैं। इसलिए लोगों को जागरुक किया जाए कि वह कागज व कपड़े के थैले इस्तेमाल करें ।उन्होंने डीपीआरओ के निर्देश दिए हैं कि वह स्वच्छता अभियान के तहत गांव में कपड़े व कागज के थैले निःशुल्क रूप से वितरित कराएं तथा नगरी निकायों में भी 2 किलो, 3 किलो, 5 किलो व 7 किलो के कपड़े के थैले लोगों को निःशुल्क वितरित कराए जाएं तथा कागज के थैलों का उपयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए ।
उन्होंने कहा नगरीय क्षेत्र में प्रवर्तन के दौरान पालीबैग पाए जाने पर जुर्माना किया जाए और जागरूकता पर विशेष बल दिया जाए उन्होंने यह भी कहा प्लास्टिक के थोक विक्रेताओं की मीटिंग की जाए तथा कागज व कपड़े के थैले बनाने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा की प्रवर्तन /छापामार कार्रवाई प्रतिदिन की जाए तथा उसकी प्रतिदिन रिपोर्ट भेजी जाए और भारी मात्रा में जुर्माना वसूला जाए। ।
उन्होंने बताया उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा अधिनियम 2000 (वर्ष 2018 में संशोधित) एवं जारी अधिसूचना के तहत प्रतिबन्धित वस्तुओं के निर्माण ,विक्रय ,वितरण भंडारण,परिवहन ,आयात एवं निर्यात के विरुद्ध कार्यवाही की जानी है ।जिलाधिकारी ने कहा की यह भी कड़ाई से देखा जाए बिहार बॉर्डर से कहीं पालीबैग / पॉलिथीन बलिया में ना आने पाए। उन्होंने बताया कि गेल इंडिया औरैया द्वारा डिस्पोजल पाली बैग के निर्माण के लिए कच्चा माल तैयार किया जाता है ।
गेल इंडिया द्वारा पालीबैग निर्माण के लिए प्रदेश की 289 कंपनियों को कच्चे माल की आपूर्ति की जाती है। इन कंपनियों के नाम और पते संबंधित सूची सभी जिलाधिकारियों को भेजी गई है और यह निर्देश दिए गए हैं कि इन कंपनियों’ इकाइयों का निरीक्षण कर प्रभावी कार्यवाही की जाए, हलांकि इस जनपद में कोई निर्माण इकाई संचालित नहीं है ,फिर भी उन्होंने बिक्री,वितरण भंडारण ,परिवहन ,आयात एवं निर्यात करने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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