बलिया ज़िला अस्पताल परिसर में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां वार्ड में सुविधाओं का अभाव है। भीषण गर्मी में यहां के 4 में से 2 एसी ही चालू हैं, ऐसे में मरीजों को भरी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में न तो ढंग के बेड हैं, न ही बेड पर चादर। न यहां समय से साफ सफाई होती है। बर्न वार्ड में मरम्मत और साफ-सफाई के अभाव में वर्षों से दीवारों और छतों पर सीलन और पीछे झाड़-झंखाड़ उगा हुआ है।अ स्पताल प्रशासन की ओर से हर वर्ष हजारों रुपये रखरखाव पर खर्च किया जाता है। लेकिन बर्न बार्ड के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।
जिले में गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। उसके बावजूद अस्पताल में कोई विशेष इंतजाम नहीं है। जिले के 35 लाख की आबादी पर जिला अस्पताल परिसर में 14 बेड़ का बर्न वार्ड है। गर्मी और जाड़े के मौसम में प्रति माह 35 से 40 झुलसे मरीजों का इलाज होता है, लेकिन व्यवस्था के अभाव व संक्रमण के कारण गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी या मऊ जाना पड़ता है या उनकी मौत हो जाती है।
वार्ड के दो कमरे में सात सात बेड लगे हैं। एक ही जगह महिला-पुरुष दोनों मरीज भर्ती होते है। मरीज के साथ बगल वाले बैड पर परिजन भी रहते हैं। चिकित्सक, कर्मचारी व परिजन जूता चप्पल पहन कर बेरोकटोक के मरीजों के पास आते जाते हैं रोकने-टोकने वाला नहीं संक्रमण इतना की कोई अच्छे व्यक्ति को इंफेक्शन हो जाए।
सीएमएस दिवाकर सिंह का कहना है कि बर्न वार्ड में व्यवस्थाएं मौजूद हैं। कभी मरीज किसी समस्या को लेकर शिकायत नहीं करता, कमरे में दो एसी लगी है। चिकित्सक समय से की जांच करते हैं। अस्पताल में दवा मौजूद है।
तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद रसड़ा की राजनीतिक तस्वीर बदल…
फेफना विधानसभा सीट पर 2027 को लेकर जनता का मूड क्या है? विधायक संग्राम सिंह…
सिकंदरपुर विधानसभा में 2027 की तैयारी शुरू हो चुकी है। विधायक जियाउद्दीन रिजवी के कार्यकाल…
बेल्थरा रोड (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर 2027 का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। विधायक हंसू…
बैरिया विधानसभा में 2027 को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। विधायक जय प्रकाश अञ्चल…
बांसडीह की राजनीति हमेशा से बलिया की सबसे चर्चित सियासी ज़मीन रही है। 2027 से…