बलिया। बलिया में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से पहले जिला पंचायत सदस्यों के लापता होने के कई मामले सामने आए। इनमें से कई बार जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण के आरोप दिग्गज नेताओं पर भी लगे। ऐसा ही आरोप पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी पर भी लगे थे। लेकिन अब इस मामले उन्हें क्लीनचिट दे दी गई है। पुलिस ने न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट लगाकर मामला खत्म कर दिया है। दरअसल बीती 30 जून को वार्ड संख्या 10 के जिला पंचायत सदस्य रमेश वर्मा के पिता मंगला वर्मा ने पुलिस को अपहरण की तहरीर देकर पूर्व मंत्री व दो अन्य लोगों के खिलाफ आरोप लगाए थे।
लेकिन मामला के तूल पकड़ने ही एक दिन बाद जिला पंचायत सदस्य खुद थाने पहुंचे और अपने अपहरण की बात से इनकार कर दिया। उसने बताया कि वह लखनऊ गया था। जिला पंचायत की इस बयान से साफ हो गया कि पूर्व मंत्री पर लगे अपहरण के आरोप झूठे हैं। इसी बात को साबित करने जिला पंचायत सदस्य को सीआरपीसी 164 के बयान के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहां सदस्य ने फिर एक बार पुलिस के सामने दिए अपने 161 सीआरपीसी के बयान को न्यायालय के सामने रखा।
जिसके बाद पूर्व मंत्री पर लगे आरोप झूठे पाए गए और मामले को बंद कर दिया गया है। थानाध्यक्ष सुनील लांबा ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य ने अपहरण की बात को गलत बताया है। ऐसे में इसमें कुछ करने के लिए नहीं बचा था।बहरहाल पूर्व मंत्री पर लगे आरोपों के इस नाटकीय मामले का तो अंत हो गया लेकिन बलिया में हमेशा से ही चुनाव के पहले राजनैतिक बयानबाजी को पंख लग जाते हैं। कई बार आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला इतनी रफ्तार पकड़ लेता है कि नेता झूठे आरोप लगाने से भी बाज नहीं आते।
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