बलिया डेस्क : कोरोना की वजह से पूरे देश में उथल पुथल मची हुई है. ऐसे में बेरोजगारी और भूखमरी के बीच बच्चों की पढाई पर भी इसका बेहद बुरा प्रभाव पड़ रहा है. अभी फिलहाल ऑन लाइन पढ़ाई ही एक रास्ता बचा है, जिसे देखते हुए यूपी के बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर विशेष गुप्ता ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि फीस नहीं जमा होने पर तमाम जगह से बच्चों को ऑनलाइन क्लास से निकाल दिया जा रहा है.
उन्होंने लिखा है कि बच्चों और घर वालों पर फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है. विशेष गुप्ता ने जिलाधिकारी से इस पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने जिलाधिकारी से कहा है कि स्कूलों को ज़रूरी दिशा निर्देश दिया जाए और उन्हें फीस न देने पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर न करने को कहा जाये.
इसके अलावा उन पर फीस जमा करने का दबाव भी नहीं बनाया जाये. अब जिलाधिकारी ने इसे लेकर कदम उठाया है और उनके निर्देश पर बीएसए ने इसके पालन कराने का को लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं. पत्र में कहा गया है कि ऐसे तमाम मामले आयोग के संज्ञान में आये जिनमे फीस न जमा करने पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर कर दिया गया.
इसके अलावा फीस जमा करने से लेकर फीस में इजाफा करने की बात भी सामने आई है. कोरोनाकाल में जहाँ अभिभावकों के रोज़गार और व्यापार प्रभावित हो रहे हैं, ऐसे में सभी के लिए फीस जमा करने मुमकिन नहीं है. अब इस मामले को बाल आयोग ने गंभीरता से लिया है.
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