बलिया। योगी सरकार में मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल के खिलाफ अदालत ने परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। बलिया की एक अदालत ने महिलाओं को अपमानित करने एवं उनके साथ मारपीट करने की शिकायत का संज्ञान लेते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल के विरुद्ध परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने रानी देवी की शिकायत का संज्ञान लेते हुए यह आदेश दिया है। रानी देवी के अधिवक्ता मनोज राय हंस ने सोमवार को बताया कि अदालत का आदेश आज जारी किया गया।
हंस ने बताया कि रानी देवी ने शिकायत की है कि वह एवं जिले के अन्य गांव के लोग एवं महिलाएं गत पांच अप्रैल 2021 को संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल से उनके निवास पर नि: शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा कानून 2009 के तहत विद्यालयों द्वारा पाठ्य पुस्तक व अन्य सहायता उपलब्ध कराने की मांग करने गये थे तो मंत्री भड़क गए। रानी देवी ने आरोप लगाया कि राज्य मंत्री के भड़कने पर उनके समर्थकों द्वारा महिलाओं के साथ मारपीट एवं अभद्रता की गई, जिसमें महिलाएं अर्धनिर्वस्त्र हो गईं।
बता दें की जब महिलाएं अपनी समस्या को लेकर मिलने पहुंची थीं, तो SHO बालमुकुंद ने भी महिलाओं को जमकर पीटा था । रानी देवी ने शिकायत में संसदीय कार्य राज्य मंत्री शुक्ल, उनके भाई आद्या शुक्ल, बलिया शहर कोतवाली के प्रभारी बाल मुकुंद मिश्र, राज्य मंत्री के 25 समर्थकों एवं 25 पुलिस कर्मियों को आरोपी बनाया है। हंस ने बताया कि अदालत ने इस शिकायत को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
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