आवास आवंटन पर MLA ने लगाया था आरोप, SDM और नगर पंचायत अध्यक्ष ने ये दिया जवाब

बलिया के बेलथरा रोड विधानसभा क्षेत्र में आवास आवंटन का मामला इन दिनों सुर्खियों में है। आसरा योजना और कांशीराम आवास योजना के- तहत बने सरकारी घरों के वितरण को लेकर विधायक हंसू राम ने गंभीर आरोप लगाए हैं। SDM राजेश कुमार गुप्ता और नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता पर मिलीभगत कर अपात्र लोगों को आवास आवंटित करने का आरोप लगाया है। इन आरोपों का जवाब खुद SDM और नगर पंचायत अध्यक्ष ने दे दिया है।

विधायक हंसू राम के आरोपों पर बलिया ख़बर ने सबसे पहले नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता से बातचीत की। पहले तो दिनेश कुमार गुप्ता इस मसले पर बातचीत करने से बचते दिखे। लेकिन आखिरकार उन्होंने हंसू राम के आरोपों का जवाब दिया। दिनेश कुमार गुप्ता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि “विधायक हंसू राम को आवास आवंटन के प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं है। तभी इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। आवास का आवंटन बहुत पहले ही हो गया था। अब सिर्फ लॉटरी सिस्टम के जरिए फ्लैट नंबर वितरित किया गया है।”

दिनेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि “शासनादेश के मुताबिक आवास आवंटन के लिए जिलाधिकारी, बलिया ने कमेटी गठित किया है। जिसके अध्यक्ष बेलथरा रोड के SDM अध्यक्ष हैं। बलिया डूडा के परियोजना अधिकारी कमेटी के सचिव हैं। आवास के लिए आवेदन करने वालों की पात्रता की जांच तहसील से हुई। जो आवेदनकर्ता भूमिहीन थे उनका नाम तहसील ने कमेटी को दिया। कमेटी ने सभी नाम प्रकाशित करवाए। ये साल भर पहले की ही बात है। लेकिन विधायक जी को तो ये बात मालूम ही नहीं है।”

विधायक हंसू राम ने फेसबुक पोस्ट में इस मुद्दे पर लिखा है कि आवास आवंटन के वक्त उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया। इस पर दिनेश कुमार गुप्ता कहते हैं कि “ये बात प्रशासन जाने कि विधायक को बुलाया गया या नहीं बुलाया गया। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। हंसू राम जी मेरे दल के भी नहीं है। तो मेरा इससे कोई लेनादेना नहीं है।”

बेलथरा रोड से विधायक हंसू राम ने आवास आवंटन के मामले SDM राजेश कुमार गुप्ता पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। SDM ने हंसू राम के आरोपों को निराधार बताया है। बलिया ख़बर से बातचीत में उन्होंने कहा कि “सब कुछ ऑन रिकॉर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ है। अगर विधायक जी को लगता है कि किसी अपात्र व्यक्ति को आवास का आवंटन किया गया है तो फिर उन्हें जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।”

सवाल है कि क्या विधायक हंसू राम के आरोप में दम है? या फिर नगर पंचायत अध्यक्ष और SDM के पारदर्शिता वाले दावे पुख्ते हैं। जो भी हो अगर हंसू राम के अपात्र लोगों को आवास आवंटित किए जाने की जानकारी है तो सार्वजनिक करनी चाहिए। पूरा मामला क्या है, विधायक हंसू राम ने क्या कुछ आरोप लगाए हैं? इस मसले के हर परत को समझने के लिए नीचे दी गई ख़बर पढ़ें।

बलिया: 12 वर्षों बाद मिला आवास, क्षेत्रीय विधायक ने उठाए सवाल

 

Akash Kumar

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