बलिया। बलिया इन दिनों कोरोना से पस्त है, दूसरी ओर खनन माफिया अवैध खनन में मस्त है। जिले में एक भी ऐसा गंगा और घाघरा नदी का घाट नहीं जहां मिट्टी खनन का कार्य न होता हो। जानकारों की मानें तो पुलिस और खनन विभिाग की मिलीभगत से ही खनन का खेला हो रहा है।
बुधवार को इसी प्रकार सागरपाली गंगा घाट पर बेरोकटोक बालू खनन का खेल जारी था, जिसको बलिया खबर के रिपोर्टर ने अपने कैमरे में कैद किया, ये तो सिर्फ बानगी है पूरे जनपद का हाल यही है, ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले दिनों में इसी खनन के चलते स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो सकती है।
बलिया में खनन माफिया अन्य जनपदों की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही सक्रिय है और हो भी क्यों ना, लोकल पुलिस की मिलीभगत जो है। सूत्र की मानें तो पुलिस खुद ही खनन माफियाओं के लिए सुबह का वक्त मुकम्मल किया है। आप किसी भी गंगा या घाघरा तट पर चले जाइए, जहां आपको सुचारू रूप से सुबह आठ बजे तक बेरोकटोक खनन का कार्य देखने को मिलेगा। गिरोह का आलम यह है कि गिरोह दस या १२ के झुंड में रहते हैं। यदि कोई खनन का विरोध करते हैं तो वे टूट पड़ता है।
फेफना इलाके के घाटों पर ज्यादा हो रहा खनन
वैसे तो पूरे जनपद के हर गंगा घाटों पर खनन का कार्य जारी है। लेकिन इन दिनों सबसे ज्यादा खनन फेफना थाना इलाकों के घाटों पर हो रही है। यहां तड़के सुबह से ही खनन का कार्य शुरू हो जाता है और सुबह आठ बजते-बजते हर तटों से सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर ट्राली मिट्टी ढोकर ठिकाने पहुंचा देते हैं।
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