Categories: बलिया

बलिया: अग्निवीर के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचा प्रशासनिक अमला, परिवार ने जताई नाराजगी

आगरा में तैनात अग्निवीर के जवान श्रीकांत चौधरी का पार्थिव शरीर बलिया के रेवती थाना क्षेत्र में स्थित उनके गृहग्राम नारायणपुर पचरुखिया गांव में पहुंचा। उनके पार्थिव शरीर को देखते ही पूरा गांव बिलख पड़ा। श्रीकांत भैया अमर रहें, जब तक सूरज चांद रहेगा, श्रीकांत भैया तेरा नाम रहेगा के नारों के साथ जवान का शरीर उनके दरवाजे तक पहुंचा। उनके पार्थिव शरीर को देखकर पिता मनजी पटेल बेसुध हो गए।

उनकी अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में लोग शामिल रहे। गांव के पचरुखिया गंगा घाट पर बिहटा एयरफोर्स की 45 सदस्यों टीम ने साथी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। श्रीकांत के बड़े भाई सिद्धांत कुमार पटेल ने मुखाग्नि दी।

बताया जा रहा है कि रेवती थाना क्षेत्र के 22 वर्षीय श्रीकांत चौधरी दिसंबर 2022 में अग्निवीर के रूप में चयनित हुए थे। परिजनों ने बताया कि 6 महीने पहले उनकी पोस्टिंग हुई थी। 3 जून को वो छुट्टी लेकर घर आए थे और 13 जून को दोबारा ड्यूटी ज्वाइन की। परिजनों के अनुसार श्रीकांत चौधरी संतरी की ड्यूटी में लगे हुए थे। मंगलवार की देर रात उनकी मौत हो गई। जवान के परिजनों ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे उन्हें सूचना मिली कि श्रीकांत की मौत हो गई। जब परिजनों ने मौत का कारण पूछा तो उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। गार्ड ऑफ ऑनर में शामिल जवानों ने श्रीकांत की मौत पर सिर्फ इतना बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। अभी इसकी कोर्ट ऑफ इंक्वारी चल रही है।

वहीं कुछ सूत्रों द्वारा आत्महत्या की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, श्रीकांत ने सरकारी इंसास रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, अभी इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

इस पूरी घटना में प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। जवान की मौत होने के बाद भी प्रशासन की तरफ से कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर जनता में आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने कहा कि सरकार अग्निवीर को शहीद का दर्जा नहीं दे रही है, लेकिन ससम्मान अंतिम विदाई तो देनी चाहिए। लोगों में यह भी चर्चा रही कि एयरफोर्स के जवान श्रीकांत का शव आगरा से प्राइवेट एंबुलेंस से पैतृक गांव तक क्यों लाया गया। श्रीकांत की मौत को लेकर कई अनसुलझे सवाल सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि मौत की वास्तविक वजह क्या है। आखिर ये कैसे संभव है कि उस यूनिट में तैनात अधिकारियों व जवानों को मौत की असल वजह पता न हो।

Rashi Srivastav

Recent Posts

बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!

बलिया- अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में…

4 days ago

UPSC में सफलता पर बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में आदित्य कृष्ण तिवारी का सम्मान

जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव  में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में सफलता…

7 days ago

जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं का भव्य विदाई समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच छात्रों को मिली नई उड़ान की प्रेरणा

बलिया।जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए भव्य विदाई समारोह का…

2 months ago

उत्सर्ग व गोंदिया एक्सप्रेस ठहराव पर खुशी, लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

फेफना (बलिया)। क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के नेतृत्व में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे बोर्ड…

2 months ago

Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…

2 months ago

2 months ago