बलिया में फर्जी प्रमाणपत्र पर सरकारी नौकरी हासिल करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिले के अलग-अलग थानों में फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी पाने के दर्जनों केस दर्ज हैं। इन मामलों में विभाग गहराई से जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई भी करता है।
बताया जा रहा है कि करीब 13 थानों में फर्जी तरीके से सरकारी नौकरी पाने के दर्जनों मुकदमें पंजीकृत हैं। 6 से ज्यादा मामलों में विभाग ने कार्रवाई पूरी की है और आरोपियों को नौकरी से निकाला जा चुका है।
जनवरी 2024 में गड़वार ब्लॉक के एक स्कूल में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सहारे अनुदेशक पद पर तैनात अनुदेश के खिलाफ एबीएसए हिमांशु मिश्रा ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी 2015 से फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी कर रहा था। अप्रैल 2024 में बैरिया के कंपोजिट विद्यालय पर तैनात सहायक अध्यापिका राजकिशोरी सिंह की सेवा समाप्त की गई।
इसी तरह अगस्त 2019 में फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी कर रहे 6 शिक्षकों को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया था। नवंबर 2019 में 3 साल से कार्यरत लेखपाल अजय कुमार को बर्खास्त कर दिया गया। एएसपी डीपी तिवारी का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से कुछ माह से नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी के मामले सामने नहीं आ रहे हैं। कई थानों में मामले दर्ज हुए हैं, इनको लेकर कार्रवाई की जा रही है।
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