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बलियाः 6 साल बीते पर अभी तक नहीं बना जनेश्वर मिश्र सेतु का एप्रोच मार्ग

बलिया में गंगा नदी के शिवरामपुर घाट पर निर्मित जनेश्वर मिश्र सेतु यूं तो प्रदेश का सबसे लंबा पुल है। लेकिन इसके रखरखाव पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता। हालात यह हैं कि आज तक एप्रोच मार्ग का निर्माण नहीं हो सका।

साल 2014 में 3 अरब 92 करोड़ रुपए की लागत से इस ब्रिज का निर्माण शुरु हुआ था। कुल 23 खंभों पर लगभग 2.8 किमी लंबा पुल बनकर तैयार हुआ। साल 2016 में दोनों तरफ के एप्रोच मार्ग को बनाने का काम शुरु हुआ। लेकिन इनमें से सिर्फ एक ही तरफ का एप्रोच मार्ग बन पाया।

योजना के मुताबिक पुल के उत्तर तरफ के NH-31 तक लंबाई 3.6 किमी, गंगा के उस पार से बिहार के बक्सर-कोइलवर बांध तक एप्रोच 1.09 किमी लंबा मार्ग बनकर तैयार हुआ। लेकिन पुल के दक्षिण एप्रोच मार्ग का काम आज तक शुरु नहीं हुआ। इसके चलते पुल से गुजरने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है।

दक्षिण तरफ के एप्रोच मार्ग की जमीन का कुछ काश्तकारों के बीच विवाद है और उनके बीच का मामला कोर्ट में लंबित है। शायद यहीं कारण है कि दक्षिणी एप्रोच मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है। PWD के अधिकारियों की मानें तो पहली बार एप्रोच मार्ग का काम पूरा करने का लक्ष्य साल 2018 निर्धारित हुआ था लेकिन यह लक्ष्य पूरा न हुआ तो साल 2020 तक का लक्ष्य दिया गया।

तीसरी बार नवंबर 2022 तक एप्रोच मार्ग बनाने की डेट लाइन शासन की ओर से तय हुई है। लेकिन तब भी काम पूरा नहीं हुआ। जिम्मेदारों की इसी सुस्ती की वजह से अब लोग परेशान हो रहे हैं। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी के एई राहुल सिंह का कहना है, जनेश्वर मिश्र सेतु के दक्षिणी एप्रोच मार्ग की जमीन को लेकर कुछ काश्तकारों के बीच आपसी विवाद है। इसके बीच का रास्ता निकाल लिया गया है। करीब 80 फीसदी जमीन अधिगृहित कर ली गई है। शेष 20 प्रतिशत भूमि में फंसे पेंच को भी सलटा लिया गया है। जल्द ही काम शुरू होगा, ताकि निर्धारित वक्त तक काम पूरा हो सके।

एप्रोच मार्ग बनने का इंतजार इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि मार्ग के बन जाने के बाद बलिया बिहार की राजधानी पटना की दूरी करीब सौ किमी हो जाएगी। यूपी के जवहीं दियर, शिवपुर दियर नंबरी, घोघा राय के डेरा, परानपुर, हरदेव सिंह के डेरा, ब्यासी की करीब 50 हजार की आबादी को लाभ होगा। इसके साथ ही बिहार के चक्की, सेमरी और ब्रह्मपुर प्रखंड के सैकड़ों गांवों के लोगों को लाभ मिल रहा है।

Rashi Srivastav

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