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बलियाः 4 साल बीते, नहीं बन पाया वेंडिंग जोन…कब मिलेगी जाम से मुक्ति?

बलिया। शहर की सड़कों पर आप जहां नज़र घुमाएंगे, तो बेतरतीब तरीके से खड़े ठेले आपको आसानी से नजर आएंगे। शहर में अवैध तरीके से खोमचे और ठेले लगने से जाम की स्थिति बन जाती है। इन सब से निपटने के लिए वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी थी। लेकिन वेंडिंग जोन की योजना सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है।

18 माह पहले की कार्यदायी संस्था की ओर से वेंडिंग जोन का प्रस्ताव नगरीय विकास अभिकरण को उपलब्ध करा दिया था। चिह्नित स्थानों पर शेड, पेयजल, पार्किंग व अन्य सुविधाएं विकसित की जानी थीं ताकि दुकानदार आराम से अपना व्यापार कर सकें और ग्राहकों को भी कोई परेशानी न हो। शासन की योजना शहरी पथ विक्रेताओं को शोषण से मुक्ति दिलाने की भी थी। योजना के तहत, पटरी दुकानदारों का सर्वे कराकर उनका पंजीकरण कराकर पहचान पत्र जारी करना था। साथ ही उन्हें वेडिंग जोन में स्थापित करना था। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी अभी तक इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लग पाई है।

बीते चार वर्ष में डूडा की ओर से वेंडिंग जोन एवं पार्किंग के लिए केडीएस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की शहरी पथ विक्रेताओं के पंजीकरण के साथ वेडिंग जोन को सर्वे कर चिह्नित कराया गया। इसमें संस्था की ओर से 20 स्थानों का प्रस्ताव किया गया। चौक से पानी टंकी रोड पर पहली दाएं और साथ लगी गली, इसी रोड पर पहली बायी गली रोड, अन्नपूर्णा होटल के पीछे, गुरुद्वारा रोड के पीछे और पीछे वाली गली, टाउन हाल मवेशी अस्पताल के पास सरकार स्कूल वाली गली, शनिचरी मंदिर एलआईसी होते हुए माल गोदाम तक, काली मंदिर से दुर्गा मंदिर तक, पुराने पोस्ट आफिस से नया चौक होते हुए एनएच-31 तक, एलआईसी के सामने से रामलीला मैदान चित्रगुप्त मंदिर होते हुए भृगु मंदिर तक, दुर्गा मंदिर के पास पुलिस चौकी एनएच-31 तक, चौक सुतरी पट्टी होते हुए लोहिया मार्केट तक, बस स्टैंड-गड़वार रोड पर बायीं तरफ, ओवरब्रिज के नीचे, कासिम बाजार रोड पर बायीं तरफ, गुदरी बाजार बायीं तरफ, चित्तू पांडेय चौकस, सागरपाली रोड-माल्देपुर स्टैंड, कुचेरी-मिड्ढी चौराहा होते हुए टीडी कालेज तक के स्थान शामिल थे।

कुल 1213 पथ विक्रेताओं का पंजीकरण किया गया था, जिनको विस्थापित किया जाना था। लेकिन वेडिंग जोन चिन्हित न होे से अब दुकानदार परेशान हैं। आए दिन दुकानों को लेकर विवाद होते हैं। पार्किंग और वेंडिंग जोन के अभाव में सड़क की पटरियों पर कहीं गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं तो कहीं ठेले लग रहे हैं। इससे जाम की स्थिति बनती है। वहीं डूडा प्रभारी पीओ का कहना है कि शहर में लेडिंग जोन के लिए 20 स्थान प्रस्तावित किए गए हैं। अभी इस पर जिलाधिकारी की मुहर नहीं लग पाई है। मुहर लगने के बाद इसे विकसित कराया जाएगा।

Rashi Srivastav

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