बलिया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में गड़बड़ी सामने आ रही है। जहां ऐसे किसान भी योजना का लाभ ले रहे हैं जिनके पासज तक नहीं है। लाभार्थियों का सत्यापन राजस्व और कृषि विभाग कर रहा है। अब तक 345 ऐसे लाभार्थी मिले हैं, जिनका राजस्व विभाग में जमीन का ब्योरा नहीं मिल सका है। हालांकि अभी सत्यापन का कार्य जारी है 25 सितंबर को पूरी तस्वीर सामने आएगी। ऐसे लाभार्थियों से रिकवरी की कार्रवाई भी हो सकती है।
बता दें जिले में 417423 किसानों को योजना का लाभ मिलता है 11 किस्त जारी हो चुकी हैं। शासन ने किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों को ई-केवाईसी का फरमान जारी किया लेकिन किसान रुचि नहीं दिखा रहे। अब शासन ने किसानों के भूलेख संबंधी अभिलेखों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। इसके लिए राजस्वकर्मी (लेखपाल) किसानों का विवरण (खतौनी, खसरा, रकबा, बैनामा या वरासत) दर्ज कर रहे हैं। एक अगस्त से ही यह काम चल रहा है।
तहसीलों की रिपोर्ट पर कृषि विभाग किसानों का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कर रहा है। सत्यापन के बाद अब तक करीब 1.90 लाख किसानों का डाटा अपलोड हो चुका है। अधिकारियों की मानें तो कई ऐसे किसान भी मिल रहे हैं, जिन्होंने योजना की शुरुआत में जमीन के आधार पर आवेदन किया लेकिन वर्तमान में उस जमीन पर या तो घर बन गए हैं या फिर जमीन बेच दी गई है। अभी सत्यापन का कार्य चल रहा है।
अब तक 345 ऐसे किसान मिले हैं, जिनके पास कोई जमीन राजस्व विभाग के रिकार्ड में नहीं है। इसमें सबसे अधिक किसान सदर तहसील के हैं। शुरुआती दौर में तमाम भूमिहीन, आयकर दाता आदि ने तथ्य छिपाकर आवेदन कर लाभ लेना शुरू कर दिया। शासन ने ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए भूमि अंकन का कार्य शुरू कराया है। किसानों का खसरा अपडेट किया जा रहा है।
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