कांवड़ मार्ग पर दुकानों के बाहर मालिक का असली नाम प्रदर्शित करने के मामले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। कांग्रेस नेता पवन तिवारी ने बताया कि इस घटना से बचपन की कहानी याद आ गई, भगवान बोलते हैं तुम कोई भी वरदान मांगोगे तो पूरे गांव को दोगुना वरदान मिलेगा तब ईर्ष्यालु व्यक्ति बोला हे भगवान मेरी एक आंख फोड़ दो ताकि गांव वालों की दोनों आंख फूट जाएं, मेरा एक टांग तोड़ दो ताकि गांव में का दोनो टांग टूट जाए, मेरे दरवाजे पर एक गहरा कुंआ खोद दो ताकि सबके दरवाजे पर दो-दो कुंआ ख़ुद जाएं, जिसमें वो लोग डूब के मर जाए और पुरा गांव मेरा हों जाएं।
मुस्लिमों को चिन्हित करना था तो सीधे सीधे फरमान जारी कर देते कि सभी मुस्लिम समुदाय अपने दुकान पर नाम जाति और धर्म लिखवा लो लेकिन सभी दुकानदारों को बोला गया ताकि मुस्लिम, ताकि दलितों की दुकान पर पिछड़ा वर्ग नहीं खाएगा, पिछड़ा के दुकान पर अगड़ा वर्ग नहीं खाएगा, अगड़ों के दुकान पर दलित, पिछड़ा वर्ग नहीं खाएगा।
सरकार बोलती है कि भारत में केवल दो जाति वर्ग के लोग हैं, अमीर और गरीब। फिर वे लोग कौन हैं जिन्हें चिन्हित किया जा रहा है। भाजपा के पास अब कोई मुद्दा बचा नही है तो एक नया मुद्दा लेकर आई है। पहले धर्म के आधार पर बांटा गया, अब वर्ण और जाति के आधार पर लोगो में फूट डालो और राज करो की नीति लागू की गई।
बलिया।जमुना राम मेमोरियल स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए भव्य विदाई समारोह का…
फेफना (बलिया)। क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के नेतृत्व में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे बोर्ड…
26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह…
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय…
बलिया जिले की फेफना विधानसभा क्षेत्र के तीखा गांव में टोंस नदी तट पर स्थित…