‘अग्निपथ’ पर बवाल के बाद से एक्टिव बलिया DM सौम्या अग्रवाल, अलसुबह से शहर की स्थिति पर नजर

बलिया। अग्निपथ योजना के विरोध में हुए बवाल के बाद जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल एक्टिव मोड में आ गई हैं। शुक्रवार को देर रात्रि तक भ्रमण और पुलिस बल को ब्रीफ करने के बाद शनिवार की अलसुबह करीब 4 बजे ही वह शहर में निकल पड़ीं। रेलवे स्टेशन, माल गोदाम, अमृत पाली, काजीपुरा, स्टेडियम सहित पूरे कोतवाली क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए रखीं। जिलाधिकारी के तत्पर होने का नतीजा यह रहा कि पूरी पुलिस फोर्स भी उत्साह के साथ रात्रि और सुबह भी अलर्ट दिखी।

सुबह से एक्टिव अफसर- तनाव की स्थिति के बीच शनिवार तड़के से ही पुलिस सक्रिय हो गई। सुबह 7 बजे तक स्टेडियम, रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। अफसर शहर में घूमकर हालात का जायजा लेते रहे। उपद्रव के बाद शुक्रवार शाम पहुंचे कमिश्नर आजमगढ़ विजय विश्वास पंत, डीआईजी अखिलेश कुमार, डीएम सौम्या अग्रवाल और एसपी राजकरन नैय्यर सुबह ही शहर की स्थिति का जायजा लेने के लिए निकले गए।


पुलिस ने 109 युवकों को भेजा जेल- अग्निपथ स्कीम के विरोध में शुक्रवार को शहर में उपद्रव के दौरान पुलिस ने करीब 109 युवकों को पकड़ा था। इनमें से कुछ को कोतवाली तो कुछ को सुखपुरा और दुबहड़ थानों में रखा गया था। रात में सभी के खिलाफ 151 की कार्रवाई करते हुए 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, फोटो और वीडियो के आधार पर उपद्रवी युवकों की पहचान की जा रही है। चिह्नित आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी संपत्ति के नुकसान का केस- 3 ट्रेनों में तोड़फोड़ और एक डिब्बे में आगजनी की घटना में राजकीय रेलवे पुलिस ने करीब 200 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। स्टेशन अधीक्षक संजय की तहरीर पर जीआरपी ने 150-200 अज्ञात पर सरकारी संपत्ति के नुकसान समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। रेल पुलिस के अफसरों का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। वॉयरल वीडियो और रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

दूसरे दिन भी ठप रहा रेल परिचालन– जगह-जगह बवाल और उपद्रव को देखते हुए रेल प्रशासन ने ट्रेनों को रद्द कर दिया था। बलिया-वाराणसी, वाराणसी-छपरा, बलिया-शाहगंज, वाराणसी-छपरा पैसेंजर और मेमू ट्रेन के अलावा करीब 24 ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया गया था। ऐसे में लोगों को बसों और प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। सूत्रों का कहना है कि यहा लम्बी दूरी की सभी ट्रेनें बिहार से होकर आती-जातीं है, इसलिए वहां पर बवाल अधिक होने से यह कदम उठाया गया है।

Ritu Shahu

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