बलिया
बलिया – वन विभाग ने की बड़ी कार्रवाई, महुआ और आम की लकड़ी का अवैध परिवहन करते 2 ट्रॉली जब्त
बलिया में वन विभाग अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। विभाग ने कार्रवाई करते हुए महुआ की लकड़ी लकड़ी से भरी अवैध ट्रॉली और आम की लकड़ी का अवैध परिवहन करते हुए ट्रैक्टर ट्राली को पकड़ा है। जब्त ट्रॉली को वन विहार के परिसर में खड़ा किया।साथ ही मालिक पर विभागीय मुकदमा दर्ज कर 50 हज़ार प्रतिकर भी वसूल किया गया है।
दरअसल रसड़ा तहसील के अन्तर्गत राघोपुर में एक ट्राली ट्रैक्टर पर महुआ की लकड़ी लाद कर ले जाया जा रहा था। उक्त ट्राली को पकड़कर वन विहार परिसर जीरावस्ती लाया गया। ट्रैक्टर ट्राली मालिक वृक्ष संरक्षण अधिनियम-1976 के धारा-3/28 एवं 4 / 10 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। जिसके खिलाफ़ विभागीय मुकदमा दर्ज कर 50 हज़ार प्रतिकर भी वसूल किया गया है।
साथ ही चितबड़ागांव में भी आम की लकड़ी का अवैध परिवहन करते हुए ट्रैक्टर ट्राली को पकड़ा गया, जिसे पकड़कर वन विहार परिसर, जीरावस्ती में लाया गया। ट्रैक्टर ट्राली मालिक वृक्ष संरक्षण अधिनियम-1976 के धारा-3/28 एवं 4 / 10 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। जिसके खिलाफ़ विभागीय मुकदमा दर्ज कर 50 हज़ार प्रतिकर भी वसूल किया गया है।
ट्रैक्टर ट्रालियों को पकड़ने में प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग बलिया के अलावा जयशंकर प्रसाद वर्मा, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी भूपेन्द्र कुमार तिवारी, प्रभारी आशुलिपिक, कमलेश तिवारी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, रसडा, प्रवीण कुमार ओझा, वनदरोगा व धर्मेन्द्र कुमार, वनदरोगा संजीव कुमार गुप्ता, वनरक्षक आदि रहे।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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