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बलियाः पंप पर नहीं मिलेगा खुला पेट्रोल, आदेश जारी
बलियाः उत्तरप्रदेश के कई शहरों में इन दिनों सांप्रदायिक तनाव देखा जा रहा है। भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपूर शर्मा के बयान को लेकर माहौल गर्मा गया है। लगातार उनकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। इसको लेकर जगह जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कानपुर और रांची में बवाल के दौरान आगजनी की घटनाएं भी सामने आई।
इसे देखते हुए बलिया का जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी बीच पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी हाल में खुला पेट्रोल न दें। डीएम सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर डीएसओ कृष्ण गोपाल पांडेय ने सोमवार को पेट्रोल पंप संचालकों से खुला पेट्रोल न दिए जाने का निर्देश दिया। इस आदेश के जारी होते ही पेट्रोल पंप संचालकों ने भी अपने पंप पर बोतल में पेट्रोल न देने के नोटिस चस्पा कर दिए हैं।
इसके अलावा प्रशासनिक अमला लगातार अन्य हालातों पर नजर रख रहा है। बवाल के दौरान आगजनी की घटनाएं ज्यादा होती हैं ऐसे में खुला पेट्रोल न देने के आदेश जारी हुए हैं। वहीं आदेश जारी होने के बाद पेट्रोल पंप संचालकों ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कई बार पंप पर खुला पेट्रोल देने से मना करने पर ग्राहक जोर-जबर्दस्ती करते हैं। कई बार ग्राहकों के द्वारा मारपीट भी की जाती है। ऐसे में पंप कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने की जरुरत है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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