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बलिया के शशि शेखर ने हॉकी चैंपियनशिप में जीता रजत पदक

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बलिया के शशि शेखर राय ने दिल्ली में आयोजित द्वितीय हॉकी इंडिया सब जूनियर अकेडमी नेशनल में रजत पदक हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे जनपद में खुशी का माहौल है। बता दें कि हॉकी इंडिया के तत्वाधान में गुमनहेड़ा में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। 23 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित चैम्पियनशिप में बलिया के शशि शेखर ने ओलंपियन विवेक सिंह अकेडमी वाराणसी का प्रतिनिधित्व किया। शुक्रवार शाम को खेले गए मुकाबले में शशि ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और रजत पदक हासिल किया। उनकी टीम शूटआउट में आर्मी ब्वायज से 3-2 से हारी पर पदक लेकर वापस लौटी। इससे पहले एमपी एकेडमी को पराजित कर टीम ने जीत हासिल की थी।चैंपियनशिप में शशि के बेहतर प्रदर्शन को लेकर पूरे जिले में हर्ष की लहर है। शशि जिले के नरहीं थाना क्षेत्र के सोहांव के रहने वाले हैं। शशि को खेल की कला अपने परिवार से मिली है। शशि के पिता निरंजन राय वॉलीबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं। वर्तमान में प्रधान महालेखाकार कार्यालय प्रयागराज में स्पोर्ट्स कोटा से ही सेवारत हैं। शशि के दादा स्व. केदार नाथ राय, सेवा संघ इंटर कॉलेज सोहांव के प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए थे और सोहांव वॉलीबॉल के समृद्ध इतिहास में उनकी प्रमुख भूमिका रही है।

शशि की सफलता का श्रेय उनकी मां पूनम राय को भी जाता है। राइट ऑउट हाॅक खिलाड़ी शशि शेखर ने प्रयागराज से महज 2 वर्ष पहले ही खेल गांव पब्लिक स्कूल प्रयागराज से अपने खेल जीवन की शुरुआत की। वर्तमान में मजीदिया इस्लामिया कॉलेज प्रयागराज में हॉकी प्रशिक्षक मोहम्मद फरदीन की देखरेख में हॉकी का अभ्यास करते हैं। शशि ओलंपिक पदक विजेता ललित उपाध्याय व अन्तरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी चन्दन सिंह को अपना आदर्श मानते हैं। उनका सपना है कि वह ओलंपिक में भारत देश का प्रतिनिधित्व करें। शशि की सफलता पर प्रदेश व जनपद के खेल प्रशासकों व खेल विशेषज्ञों ने बधाई दी।

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Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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